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पैदल नहीं चलने पर ढाई साल के बेटे की ली जान
21-Apr-2026 12:58 PM
पैदल नहीं चलने पर ढाई साल के बेटे की ली जान

 गहरी खाई में मिली लाश, मां पहुंची सलाखों के पीछे
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायगढ़, 21 अप्रैल।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक सगी मां ने अपने ही ढाई साल के मासूम बच्चे के सिर पर पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। हत्या का कारण भी ये था कि बेटा उसके साथ जंगल में पैदल नहीं चल पा रहा था। मासूम के पैदल नहीं चलने से नाराज मां को इतना गुस्सा आया कि उसने रास्ते पर ही एक बड़े पत्थर से मासूम के सिर पर मारा और कई बार वार करते हुए उसको मौत के घाट उतार दिया। इस घटना को अंजाम देने के बाद मां ने पुलिस और परिजनों को मासूम के अपहरण होने की झूठी कहानी बताकर गुमराह भी करती रही। पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला कापू थाना क्षेत्र का है। 

पति ने की थी थाने में रिपोर्ट
रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पारेमेर फिटिंगपारा में रहने वाले बोधसाय मंझवार ने 19 अप्रैल को कापू थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि उसकी पत्नी सोनमती मंझवार के दो बच्चे हैं, एक चार साल की बेटी ढूलबाई और दूसरा ढाई का लड़का अनुज मंझवार है।
बोधसाय मंझवार ने बताया कि 16 अप्रैल की सुबह 5 बजे वह चार तोडऩे जंगल गया था, दोपहर में जब घर पहुंचा, तब वहां कोई नहीं मिला। शिकायत करने के दौरान उसने अनहोनी की आशंका भी जताई थी। थाने में रिपोर्ट होते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
 

बेटी ने बताया छोटे भाई को लेकर गई मां

 16 अप्रैल की शाम को बोधसाय मंझवार की बेटी दूलबाई अकेले ही घर पहुंची और अपने पिता को बताया कि उसकी मां और छोटा भाई नानी घर रानी गौवा जाने जंगल के रास्ते निकले हैं। इतना सुनते ही बोधसाय अनहोनी घटना की आशंका से गांव के अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर देर रात तक अपनी पत्नी और बच्चे की तलाश की, लेकिन दोनों कहीं नहीं मिले।

गहरी खाई में मिला मासूम का शव
17 अप्रैल की सुबह बोधसाय मंझवार की पत्नी सोनमती अकेले ही घर पहुंची और ढाई साल के अनुज मंझवार के बारे में पूछने पर स्पष्ट जानकारी नहीं देते हुए टालमटोल करती रही। गांव के ग्रामीण और परिजन दो दिनों तक मासूम की खोजबीन में लगे रहे।
इसी बीच 18 अप्रैल को रात 1 बजे रानीगौवा पहाड़ के पास एक पत्थर में खून का धब्बा दिखा। साथ ही गहरी खाई में उस मासूम का शव भी मिला। मृतक के सिर में गहरे चोट के निशान थे।
अपहरण की झूठी कहानी बताकर किया गुमराह
गहरे खाई में ढाई साल के मासूम की लाश मिलने की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजते हुए संदेही महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, शुरुआत में महिला ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए अपहरण जैसी झूठी कहानी गढ़ती रही, लेकिन बाद में कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।     

मासूम के पैदल नहीं चलने पर मारा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी महिला सोनमती ने बताया कि दोनों बच्चों को लेकर वह जंगल के रास्ते अपने मायके जा रही थी। लेकिन रास्ते से बेटी को घर भेज दिया था, और बेटे को ही गोद में लेकर जा रही थी। पहाड़ी में चढ़ाई के दौरान थकान आने पर बेटे अनुज को नीचे उतार कर पैदल चलने को कहने पर वह जमीन पर बैठ गया। बस इतनी सी बात पर महिला ने पहले अपने ही ढाई साल के मासूम बेटे को जमीन पर पटका और फिर सिर पर पत्थर से वार करके हत्या कर दी। इस घटना के बाद घर पहुंच कर सभी को झूठी कहानी सुना कर गुमराह करती रही।

आरोपी मां को भेजा गया जेल
अपने ही सगे बेटे की हत्या करने वाली मां को कापू पुलिस ने धारा 103 (1) बीएनएस के तहत गिरफ्तार करते हुए घटना में प्रयुक्त पत्थर सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया है।


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