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ईरान युद्ध: शनिवार को क्या हुआ जिससे तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं
19-Apr-2026 8:55 AM
ईरान युद्ध: शनिवार को क्या हुआ जिससे तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम और इसराइल-लेबनान संघर्षविराम के बीच शनिवार को कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.

जहाज़ों पर हमले

यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) के मुताबिक़ होर्मुज़ स्ट्रेट में एक टैंकर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने गोलीबारी की है.

यूकेएमटीओ ने बताया है कि यह घटना ओमान से 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई. हालांकि टैंकर और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की ख़बर है.

यूकेएमटीओ का कहना है कि ओमान के उत्तर-पूर्व में 25 नॉटिकल मील की दूरी पर एक कंटेनर जहाज़ पर भी "किसी अज्ञात चीज़" से हमला हुआ, जिससे कुछ कंटेनरों को नुकसान पहुँचा.

इसके अलावा, तीन सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि कम से कम दो व्यापारिक जहाजों ने कहा है कि जब वे होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे थे, तब उन पर गोलीबारी की गई.

होर्मुज़ स्ट्रेट

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का कहना है कि ईरान का ‘’दृढ़ संकल्प’’ है कि युद्ध समाप्त होने तक होर्मुज़ स्ट्रेट पर वह अपना नियंत्रण बनाए रखेगा.

यह बयान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर सेना अपना नियंत्रण फिर से शुरू कर रही है.

देश के कई मीडिया आउटलेट्स ने आईआरजीसी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा है कि यह होर्मुज़ स्ट्रेट "अपनी पिछली स्थिति" में लौट आएगा, और सशस्त्र बल इस क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.

शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट में भारत के झंडे लगे दो जहाज़ों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा.

बीबीसी पर्शियन के मुताबिक़ टैंकरों की आवाजाही पर नज़र रखने वाली वेबसाइट "टैंकरट्रैकर्स" ने कहा है कि इस दौरान "गोलीबारी" भी हुई. टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक़, "चैनल 16 की ऑडियो रिकॉर्डिंग" के आधार पर, आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिम में सफर के दौरान दो भारतीय जहाजों को होर्मुज़ स्ट्रेट से पीछे हटने के लिए मजबूर किया था.

ईरान-अमेरिका शांति वार्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ईरान को अमेरिका को "ब्लैकमेल" नहीं करने देंगे.

इस बीच अमेरिका का कहना है कि 13 अप्रैल को नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने के बाद से उसने 23 जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट से वापस भेज दिया है.

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अमेरिकी नाकाबंदी को संघर्षविराम की शर्तों का उल्लंघन बताया है.

ईरान की आईआरजीसी से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि ईरान के अधिकारियों ने अभी तक अमेरिका के साथ बातचीत के अगले दौर के लिए सहमति नहीं दी है.

तस्नीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इसकी वजह "ट्रंप की ओर से नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा और समझौते में अमेरिकियों की अत्यधिक मांगें थीं, जो अब भी जारी हैं." (bbc.com/hindi)


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