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राहुल गांधी ने कहा, 'दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को कमज़ोर करना चाहती थी केंद्र सरकार'
19-Apr-2026 11:27 AM
राहुल गांधी ने कहा, 'दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को कमज़ोर करना चाहती थी केंद्र सरकार'

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है.

राहुल गांधी ने तमिलनाडु में एक जनसभा में कहा, "कल आपने देखा होगा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह संसद में क्या करने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने देश से झूठ बोला.''

उन्होंने कहा, ''वे महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए एक बिल पास करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उस बिल के पीछे एक बहुत ही ख़तरनाक इरादा छिपा था. वे भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रहे थे.''

राहुला गांधी ने कहा, ''वे हर राज्य को मिलने वाली सीटों की संख्या बदलना चाहते थे. वे दक्षिण भारतीय राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और अन्य छोटे राज्यों को कमजोर करना चाहते थे. प्रधानमंत्री हमारे संविधान पर हमला कर रहे हैं."

इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संविधान संशोधन बिल के संदर्भ में कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि सरकार की लोकतंत्र को कमज़ोर करने साजिश थी, उसे रोका गया.

प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमज़ोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साज़िश की थी, जिसे हमने हरा दिया."

उन्होंने कहा, "ये संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्ष की एकता की जीत है, जो सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरे पर साफ़ दिख रही थी."

महिला आरक्षण क़ानून और डीलिमिटेशन से जुड़ा 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में गिर गया.

पिछले 12 साल में ये पहली बार है जब सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार की तरफ़ से पेश कोई संवैधानिक संशोधन विधेयक सदन में गिरा हो.

सदन में दो दिन की बहस के बाद शुक्रवार शाम मतदान हुआ. संसद में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण देने वाले क़ानून में संशोधन और डीलिमिटेशन से जुड़े बिलों के समर्थन में 298 मत पड़े जबकि इसके विरोध में 230 मत पड़े.

संसदीय लोकसभा क्षेत्रों की संख्या फिर से निर्धारित करने के लिए लाया जा रहा परिसीमन या डीलिमिटेशन विधेयक भी इसके साथ जुड़ा हुआ था.

डीलिमिटेशन को लेकर भारत के जिन राज्यों में ज़्यादा विरोध हो रहा है, उनमें दक्षिण भारतीय राज्य सबसे आगे हैं. ख़ासकर तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार ने डीलिमिटेशन का कड़ा विरोध किया है. (bbc.com/hindi)


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