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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 21 फरवरी। बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर शुक्रवार की रात ऐसा दृश्य दिखा, जिसका लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे। पहली बार यहां रात में विमान उतारा गया और यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा।
राज्य शासन के विमान ने तय प्रक्रिया के तहत नाइट ट्रायल लैंडिंग की। जैसे ही विमान रोशनी से जगमगाते रनवे पर उतरा, वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इसे बिलासपुर के लिए ऐतिहासिक पल माना जा रहा है।
ट्रायल के दौरान रनवे लाइटिंग सिस्टम, एप्रोच लाइट्स, एयर ट्रैफिक कंट्रोल समन्वय और अन्य सभी तकनीकी मापदंडों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि हर व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
एयरपोर्ट डायरेक्टर एन. बीरेन सिंह और रायपुर से आए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के क्षेत्रीय निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
इस सफल परीक्षण के बाद अब बिलासपुर से रात में भी विमान उतर और उड़ान भर सकेंगे। हालांकि नियमित नाइट फ्लाइट सेवा शुरू करने से पहले कुछ औपचारिक स्वीकृतियां और अंतिम मंजूरी ली जानी बाकी है।
एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होते ही यात्रियों को रात की फ्लाइट का विकल्प मिल सकेगा।
अधिकारियों का मानना है कि नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने से बिलासपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ा फायदा होगा। व्यापारियों को यात्रा में सहूलियत मिलेगी और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी।
फिलहाल यहां से दिल्ली और प्रयागराज के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं, जिन्हें निजी विमानन कंपनी एलायंस एयर चला रही है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में नाइट लैंडिंग सुविधा के लिए 21 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी थी। सितंबर 2023 तक रनवे में केबल और लाइटिंग का काम पूरा कर लिया गया।
2024 में अत्याधुनिक उपकरण लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान केंद्र सरकार से अनुमति नहीं मिलने पर मामला अदालत तक पहुंचा। बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार को विशेष तकनीक लागू करने की स्वीकृति मिली।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम बिलासपुर को हवाई नक्शे पर नई पहचान दिलाएगा। रात में भी उड़ान सुविधा मिलने से शहर का संपर्क और मजबूत होगा।


