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केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 19 फरवरी। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगर रतनपुर में जल्द ही एक अनोखा आवासीय प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने बुधवार को नई दिल्ली में इसकी घोषणा की। यह परियोजना देश में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा रतनपुर में डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह योजना प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत विकसित की जाएगी।
करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 40 आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाले आवासीय यूनिट तैयार किए जाएंगे। इसमें पारंपरिक ईंट-सीमेंट के बजाय नई और टिकाऊ तकनीकों का उपयोग होगा।
यह परियोजना पूरी तरह केंद्र सरकार की सहायता से तैयार की जाएगी। इसमें ऐसी निर्माण तकनीक अपनाई जाएगी जो आपदा-रोधी तथा पर्यावरण के अनुकूल होगी। कम समय में निर्माण होगा तथा लागत नियंत्रित रखेगी। सरकार का लक्ष्य है कि यह प्रोजेक्ट 12 से 15 महीनों के भीतर पूरा हो जाए।
इन आवासों को सामान्य तरीके से किसी व्यक्ति को आवंटित नहीं किया जाएगा। इन्हें सामाजिक उपयोग के लिए विकसित किया जाएगा। योजना है कि रतनपुर स्थित सिद्ध शक्तिपीठ माता महामाया मंदिर में पूरे प्रदेश और देश से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और सामुदायिक गतिविधियों के लिए इनका उपयोग किया जाए। इससे स्थानीय आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री साहू ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना नई निर्माण तकनीकों की जीवंत प्रयोगशाला साबित होगी। यहां पर अपनाई जाने वाली ग्रीन और उभरती तकनीक भविष्य में राज्य और देश के अन्य हिस्सों में भी लागू की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सस्ते, टिकाऊ और आधुनिक आवास समाधान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रोजेक्ट सबके लिए आवास के लक्ष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
परियोजना का प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए सेंट्रल सैंक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी को भेजा गया है। वहीं बिल्डिंग मटेरियल्स एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन काउंसिल इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है, ताकि निर्माण पूरी तरह ग्रीन हाउसिंग मानकों के अनुरूप हो।
साहू ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और टिकाऊ निर्माण को बढ़ावा देने वाला यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ के लिए एक मॉडल साबित होगा। आने वाले समय में राज्य के अन्य शहरों में भी इसी तरह की आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल आवास योजनाएं शुरू की जा सकती हैं।


