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बोर्ड परीक्षा के बीच हुईं घटनाएं, एक ने देहदान की अपील की, प्रशासन सतर्क
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
कोरबा, 19 फरवरी। जिले में 17 और 18 फरवरी के बीच 48 घंटे के अंदर चार किशोर छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर ने पूरे कोरबा को झकझोर दिया है। सभी छात्र-छात्राएं बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव को संभावित कारण मानते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
पहली घटना 17 फरवरी को उरगा थाना क्षेत्र के धनागुड़ी मोहर गांव में सामने आई। 15 वर्षीय कक्षा 9 की छात्रा ने घर के पास पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।परिजनों ने शाम को उसका शव देखा। पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
18 फरवरी को कोतवाली थाना क्षेत्र के इंदिरानगर में 17 वर्षीय अंजलि केवट, जो कक्षा 10 की छात्रा थी, ने अपने घर में फांसी लगा ली। वह सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही थी और हाल ही में एडमिट कार्ड लाई थी। परिजनों के अनुसार वह पढ़ाई में अच्छी थी, लेकिन अपनी परेशानियां साझा नहीं करती थी। यहां भी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
उसी दिन दर्री क्षेत्र में कक्षा 9 की एक और 15 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली। वह वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परिवार ने गोपनीयता की अपील की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के लोगों और स्कूल प्रबंधन से पूछताछ की है।
एक और मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर आईटीआई बस्ती का है। 16 वर्षीय कक्षा 12 का छात्र, जो एसईसीएल डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ता था, ने कमरे में पंखे से फांसी लगा ली। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी देह मेडिकल कॉलेज को दान करने की इच्छा जताई थी। पुलिस ने नोट को जांच के लिए भेजा है।
कोरबा के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है। परीक्षा के तनाव समेत हर पहलू की पड़ताल होगी। स्कूलों में काउंसलिंग सत्र शुरू कराने और अभिभावकों से बच्चों पर नजर रखने की अपील की गई है।


