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शावकों के साथ मादा के दोबारा एटीआर लौट जाने की संभावना
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 17 फरवरी। कोटा वन परिक्षेत्र और वन विकास निगम इलाके में बाघिन और उसके शावकों की तलाश के लिए लगाए गए ट्रैप कैमरों का नतीजा जल्दी ही आ गया। कैमरे में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। कैमरे में बाघिन और शावक नहीं, बल्कि एक वयस्क बाघ कैद हुआ है। इसके बाद गांवों में डर का माहौल बन गया है।
कुछ समय से खबर मिल रही थी कि अचानकमार टाइगर रिजर्व के जंगल की जगह बाघिन अपने दो शावकों के साथ ग्रामीण इलाकों की ओर घूम रही है। ग्रामीणों ने दावा किया था कि मखुरहा तालाब के पास बाघिन को शावकों के साथ पानी पीते देखा गया।
इसके बाद आसपास के गांवों में मवेशियों के शिकार की घटनाएं भी सामने आईं। पतेता और नेवसा के पास कंपार्टमेंट नंबर 133 में घायल और मरे हुए पशु मिले थे। वहां मिले पंजों के निशान को बाघिन के हाने का दावा किया गया था।
इन सूचनाओं के आधार पर वन विभाग ने कोटा रेंज और वन विकास निगम क्षेत्र में तीन चार दिन पहले ही ट्रैप कैमरे लगाए थे। लेकिन जब तस्वीरें सामने आईं तो उनमें शावकों के साथ बाघिन नजर नहीं आई। कैमरे में एक अकेला बाघ दिखा।
वन अधिकारियों का कहना है कि मौके पर शावकों के पगमार्क नहीं मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बाघिन अपने शावकों के साथ फिर से अचानकमार टाइगर रिजर्व लौट गई होगी।
बाघ और बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विकास निगम और बिलासपुर वन मंडल ने अचानकमार प्रबंधन से अतिरिक्त कैमरों की मांग की। इसके बाद पांच नए ट्रैप कैमरे फिर से लगाए गए हैं।
इससे पहले भी क्षेत्र में बाघिन और शावकों की मौजूदगी की सूचना पर टीम को अलर्ट किया गया था और गांवों में मुनादी कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई थी।
बाघ के विचरण की लगातार मिल रही सूचनाओं और मवेशियों के शिकार की घटनाओं से ग्रामीण चिंतित हैं। वन विभाग ने लोगों से जंगल की ओर अकेले न जाने और मवेशियों को खुले में न छोड़ने की अपील की है।
वन विकास निगम के डीएफओ सत्यदेव शर्मा ने बताया कि फिलहाल कैमरों में बाघ की तस्वीर मिली है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बाघ की तस्वीर धुंधली होने के कारण जारी नहीं की गई है। ट्रैप कैमरे बढ़ाकर अधिक एरिया को कव्हर किया जा रहा है।


