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चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा- जीवन अर्थहीन हो चुका
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 17 फरवरी। घरदेई गांव में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात एक दंपती ने फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि करीब 16 महीने पहले सड़क हादसे में इकलौते बेटे की मौत के बाद से दोनों गहरे सदमे में थे। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है।
मौके पर पहुंची पुलिस को चार पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें दंपति ने लिखा है कि बेटे के बिना उनका जीवन अर्थहीन हो गया है। उन्होंने ईश्वर से शांति की प्रार्थना की है।
इसके अलावा दोनों ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो भी बनाया, जिसमें अपील की गई कि बेटे के सड़क हादसे से जुड़े बीमा दावे की राशि उसके दो बड़े भाइयों को दे दी जाए।
जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2024 को मस्तूरी थाना क्षेत्र के केवटाडीह (भूतिया) के पास सड़क दुर्घटना में उनके इकलौते बेटे आदित्य पटेल की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से कृष्ण कुमार पटेल (48) और उनकी पत्नी रामा बाई पटेल (46) मानसिक रूप से टूटे हुए महसूस कर रहे थे।
कृष्ण कुमार पेशे से राजमिस्त्री था और गांव के गायत्री मंदिर निर्माण में उनका योगदान था।
पुलिस के अनुसार, दोनों का शव घर के पीछे नीम के पेड़ पर लटका मिला। सूचना मिलने पर राहौद पुलिस सहायता केंद्र की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा


