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सड़क हादसे में घायल युवक ने एंबुलेंस का इंतजार करते दम तोड़ा
17-Feb-2026 11:53 AM
सड़क हादसे में घायल युवक ने एंबुलेंस का इंतजार करते दम तोड़ा

आटो में पहुंचाया गया अस्पताल, डॉक्टर थे गैरहाजिर  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 17 फरवरी। सीपत क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद समय पर एंबुलेंस न मिलने से एक युवक की मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते बेहतर इलाज मिल जाता तो जान बच सकती थी। घटना ने एक बार फिर जिले की कमजोर स्वास्थ्य सुविधाओं को उजागर कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 3 बजे जांजी गांव निवासी 21 वर्षीय अमन सोनवानी अपने परिजनों के साथ बाइक से लौट रहे थे। उसी दौरान कौड़िया मेले से वापस आ रहे पीपरसत्ती निवासी मोहन पाल की बाइक से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक बुरी तरह टूट गईं और सवार गंभीर रूप से घायल हो गए।

सूचना मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हादसे के करीब एक घंटे बाद तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। हालात बिगड़ते देख पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायलों को ऑटो में बैठाकर सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र में उस समय केवल दो नर्स मौजूद थीं। घायलों की हालत नाजुक देखकर उन्हें तुरंत सिम्स रेफर कर दिया गया। लेकिन एंबुलेंस आने में फिर देरी हुई। इस बीच दोनों घायल दर्द से तड़पते रहे।

आखिरकार देर से एंबुलेंस पहुंची और घायलों को बिलासपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मोहन पाल ने दम तोड़ दिया।

सीपत क्षेत्र से करीब 40 गांव जुड़े हैं, लेकिन यहां केवल एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही जरूरी संसाधन। कई बार दवाएं भी उपलब्ध नहीं रहतीं। गंभीर मरीजों को 20-25 किलोमीटर दूर बिलासपुर जाना पड़ता है।

सीपत के पास सीजीएमएससी द्वारा 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाया गया था, लेकिन चार साल बाद भी उसमें स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो सकी। समय के साथ भवन जर्जर होने लगा है। अब उसके नवीनीकरण पर खर्च करने की योजना बनाई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सीपत बिजली उत्पादन का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में आज भी पिछड़ा हुआ है। उनकी मांग हैं कि यहां स्थायी डॉक्टर, पर्याप्त स्टाफ और एंबुलेंस की पुख्ता व्यवस्था की जाए।


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