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एस जयशंकर रूसी तेल ख़रीद और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के सवाल पर क्या बोले
15-Feb-2026 9:03 AM
एस जयशंकर रूसी तेल ख़रीद और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के सवाल पर क्या बोले

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ़्रेंस में शामिल होने के लिए जर्मनी गए हुए हैं, जहां एक चर्चा के दौरान उनसे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और रूसी तेल ख़रीद से जुड़ा सवाल किया गया.

जयशंकर से पूछा गया कि 'हाल में अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर कहा गया कि भारत को रूस से तेल नहीं ख़रीदने पर मजबूर किया जा रहा है. क्या इससे आपकी रणनीतिक स्वायत्तता पर असर नहीं पड़ रहा?'

इस पर एस जयशंकर ने कहा, "मुझे लगता है कि हम अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं क्योंकि यह हमारे इतिहास और हमारे विकास की प्रक्रिया का अहम हिस्सा रही है."

उन्होंने कहा, "जहां तक ऊर्जा (तेल) से जुड़े मुद्दों की बात है, आज के दौर में बाज़ार काफ़ी जटिल है. जैसा कि यूरोप और शायद दुनिया के अन्य हिस्सों में है, भारत में तेल कंपनियां उपलब्धता को देखती हैं, लागत को देखती हैं, जोखिम को परखती हैं और फिर वही फ़ैसले लेती हैं जिन्हें वे सबसे ज़्यादा अपने हित में मानती हैं."

भारतीय विदेश मंत्री ने दुनिया के बदलते परिदृश्य पर भी बात की और कहा कि बहुत सी चीज़ें बदल रही हैं और सब अपना आकलन लगा रहे हैं.

उन्होंने कहा, "ज़रूरी नहीं कि हम हर बात पर सहमत हों, लेकिन मेरा मानना है कि अगर साझा हित और समानताएं तलाशने की इच्छा हो तो वह संभव है."

जयशंकर ने कहा, "लेकिन अगर आपका सवाल यह है कि क्या मैं स्वतंत्र सोच बनाए रखूंगा और अपने फ़ैसले खुद लूंगा? और क्या मैं ऐसे विकल्प चुनूंगा जो कभी-कभी आपकी सोच या किसी और की सोच से मेल न खाएं, तो हां, ऐसा हो सकता है."

हाल ही में भारत और अमेरिका ने व्यापार समझौते पर सहमति का एलान किया. दोनों देशों ने एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है.

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने रूसी तेल ख़रीद रोकने पर सहमति दी है. हालाँकि, भारत की ओर से अब तक इस पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है.

भारत का कहना है कि वह सारे फ़ैसले अपने हितों को ध्यान में रखते हुए लेता है. (bbc.com/hindi)


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