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यूजीसी के भेदभाव संबंधी नियम पर रोक की पायल तडवी की मां ने आलोचना की
30-Jan-2026 8:51 AM
यूजीसी के भेदभाव संबंधी नियम पर रोक की पायल तडवी की मां ने आलोचना की

-अल्पेश करकरे

सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के भेदभाव संबंधी नए नियम पर रोक लगा दी है. इसके बाद डॉक्टर पायल तडवी की मां आबेदा तडवी ने इस फ़ैसले को लेकर अपनी निराशा बीबीसी मराठी से साझा की.

उन्होंने कहा, "पिछले सात साल से हम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दूसरे हाशिये पर रह रहे समुदायों के छात्रों के लिए लड़ रहे हैं. हमारा मक़सद हमेशा यही रहा है कि पायल के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो."

उन्होंने कहा, "इसी वजह से हम अदालत गए थे, इस उम्मीद में कि यूजीसी के नियम मज़बूत होंगे और ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा. लेकिन इसके विपरीत बीते कुछ सालों में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ती गई है."

आबेदा तडवी ने कहा कि यूजीसी ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद नए नियम बनाए थे और उस मसौदे की अधिसूचना भी जारी की गई थी.

उन्होंने कहा, "इसके बावजूद ऊंची जातियों के लोग इन नियमों का विरोध कर रहे हैं. किसी को डरने की ज़रूरत क्यों है? अगर कोई ग़लत काम करता है, तो उसकी जाति या श्रेणी कुछ भी हो, उसे सज़ा मिलनी चाहिए."

शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा, "अगर स्टूडेंट्स को जातिवादी या मनुवादी सोच के कारण परेशान किया जाता है और उन्हें अपनी जान लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो फिर शिक्षा का मक़सद क्या रह जाता है?"

आबेदा तडवी ने कहा, "जब इसे रोकने के लिए बेहतर नियम लाए जा रहे हैं, तो उनका विरोध किया जाना बहुत दर्दनाक है. हर किसी को सम्मान और समानता के साथ पढ़ने का अधिकार होना चाहिए. नए नियम एक तरह से बचाव के तौर पर काम करते और उनका उद्देश्य किसी एक वर्ग को फ़ायदा पहुंचाना नहीं था."

आबेदा तडवी ने सरनेम या जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव के ख़िलाफ़ भी अपील की और कहा कि पढ़ाई के दौरान होने वाला अन्याय अब ख़त्म होना चाहिए.

उन्होंने कहा, "हमारी बेटी अब हमारे साथ नहीं है, लेकिन ऐसा किसी और बच्चे के साथ नहीं होना चाहिए. इसी वजह से हम इस नीति के लिए लड़ते रहेंगे. हमें उम्मीद है कि न्यायपालिका हमारी आवाज़ सुनेगी."

पायल तडवी का मामला

मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में पीजी छात्रा डॉक्टर पायल तडवी ने 22 मई 2019 को आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में पुलिस ने तीन डॉक्टरों को गिरफ़्तार किया था.

इन तीनों पर पायल तडवी का उत्पीड़न करने का आरोप लगा.

पायल की मां आबेदा तडवी ने आरोप लगाया था कि तीनों अभियुक्त डॉक्टर उनकी बेटी को कई महीनों से प्रताड़ित कर रहे थे.

(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)  (bbc.com/hindi)


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