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डॉक्टरों को नई तकनीक और मरीजों से संवाद पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 25 जनवरी। छत्तीसगढ़ में स्तन कैंसर के उपचार और जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में सर्जरी विभाग द्वारा एकदिवसीय सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
सीएमई का मुख्य उद्देश्य स्तन कैंसर के उपचार और निदान से जुड़ी नवीन तकनीकों की जानकारी चिकित्सकों तक पहुंचाना था, ताकि वास्तविक उपचार के दौरान वे अधिक सक्षम और आत्मविश्वास से निर्णय ले सकें। कार्यक्रम में मरीजों से बेहतर संवाद, संवेदनशीलता और चिकित्सा नैतिकता जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा की गई।
कार्यक्रम में अतिथि वक्ता के रूप में एम्स रायपुर के प्रोफेसर डॉ. राधाकृष्ण रामचंदानी और अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अमित वर्मा शामिल हुए। दोनों विशेषज्ञों ने स्तन कैंसर के आधुनिक इलाज और केस मैनेजमेंट को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
संस्थान के आंतरिक विशेषज्ञों में रेडिएशन एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. चंद्रहास ध्रुव और पैथोलॉजी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. शहनाज़ बानो ने सर्जरी, कीमोथेरेपी और हिस्टोपैथोलॉजी से जुड़े नवीन उपचार विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में संस्थान के कई वरिष्ठ चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह, एनेस्थीसिया विभाग की प्रोफेसर डॉ. मधुमिता मूर्ति, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश राज, डॉ. केशव कश्यप सहित अन्य फैकल्टी सदस्य शामिल रहे।


