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बिलासपुर से नई उड़ानों पर संशय, एलायंस एयर के पास बेस स्टेशन नहीं, नाइट लैंडिंग भी बड़ी बाधा
25-Jan-2026 1:19 PM
बिलासपुर से नई उड़ानों पर संशय, एलायंस एयर के पास बेस स्टेशन नहीं, नाइट लैंडिंग भी बड़ी बाधा

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 25 जनवरी। बिलासपुर से नई हवाई सेवाओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एयर कनेक्टिविटी जन संघर्ष समिति ने एलायंस एयर के अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट की। समिति को बताया गया कि राज्य सरकार के प्रस्ताव के बावजूद फिलहाल पटना और वाराणसी के लिए उड़ान शुरू होने की संभावना बेहद कम है। वजह यह है कि इन दोनों शहरों में कंपनी का बेस स्टेशन नहीं है।

समिति ने बताया कि पटना और वाराणसी के लिए उड़ान शुरू करने का सुझाव छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दिया गया था, लेकिन किसी एक उड़ान के लिए कोई भी एयरलाइन बेस स्टेशन स्थापित नहीं करती। जहां बेस स्टेशन होता है, वहां एक से अधिक उड़ानों का संचालन किया जाता है, ताकि कर्मचारियों और संसाधनों का पूरा उपयोग हो सके। इसी कारण इन रूट्स पर उड़ान शुरू होना फिलहाल कठिन माना जा रहा है।

एलायंस एयर ने दिल्ली के लिए रोजाना उड़ान और हैदराबाद के लिए नई उड़ान को लेकर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है। हालांकि इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के साथ पहले से हुए एमओयू में संशोधन जरूरी होगा। संशोधन के बाद भी यह सुविधा तभी संभव होगी, जब बिलासपुर एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग लाइसेंस मिल जाए।
कंपनी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल एलायंस एयर के सभी विमान देश के अन्य रूट्स पर पहले से तैनात हैं। ऐसे में नई उड़ानों की शुरुआत के लिए नाइट लैंडिंग सुविधा के साथ-साथ विमानों की उपलब्धता भी जरूरी होगी।

मौजूदा हालात को देखते हुए एयर कनेक्टिविटी जन संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से फिर मांग की है कि वह केवल एक कंपनी पर निर्भर न रहे। समिति का कहना है कि 72 और 80 सीटर विमानों का संचालन करने वाली सभी एयरलाइंस को खुले टेंडर के माध्यम से बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से उड़ानें शुरू करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

हवाई सुविधा की मांग को लेकर समिति का जन आंदोलन शनिवार और रविवार को भी जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने बिलासपुर को बेहतर एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की मांग दोहराई।

 


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