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आईजी ने रेंज के पुलिस अधिकारियों के साथ ली पहली बैठक
साइबर अपराधों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 25 जनवरी। थानों में प्राप्त हर सूचना पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और कार्रवाई में किसी तरह की देरी न हो। यह निर्देश बिलासपुर रेंज के नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी और जवाबदेही अनिवार्य है।
बैठक में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं राजपत्रित अधिकारी शामिल हुए। बैठक हाइब्रिड मोड में संपन्न हुई, जिसमें जिलों की ओर से एजेंडा आधारित प्रस्तुतियां दी गईं। आईजी ने जिलेवार प्रमुख मुद्दों की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
आईजी ने निर्देश दिए कि संज्ञेय अपराधों में तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए और मामलों का शीघ्र निराकरण हो। गंभीर अपराधों की जांच में गुणवत्ता, समयबद्धता और अभियोजन समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। आईजी ने पुलिस बल को तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर के उपयोग तथा पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। इससे अपराधों की जांच, फरार अपराधियों की तलाश, गुमशुदा बच्चों की खोज और चोरी हुए वाहनों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
बैठक में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश दिए गए। आईजी ने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन्हें निगरानी में रखा जाए और आवश्यकतानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए आईजी ने साइबर सेंटिनेल नाम से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस अभियान के तहत अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़कर साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जाएगा और जरूरी अलर्ट व जानकारी साझा की जाएगी।
पुलिस थानों और चौकियों को पीड़ितों व आम जनता के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने के लिए आईजी ने हर थाना और चौकी में मोबाइल से स्कैन किए जा सकने वाले क्यूआर कोड के माध्यम से फीडबैक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।
आगामी गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर आईजी ने सघन पेट्रोलिंग, निगरानी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
आईजी ने चेतावनी दी कि यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता संगठित अपराध में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कोरबा और रायगढ़ जैसे औद्योगिक जिलों के एसपी को इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और जांजगीर-चांपा जिलों के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक तथा आईजी कार्यालय के अधिकारी उपस्थित थे।


