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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मुंगेली, 22 जनवरी। मुंगेली जिले में धान खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था, मिलरों द्वारा धान उठाव की कमजोर निगरानी और नियमित निरीक्षण नहीं होने के आरोपों के बाद जिला खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना को निलंबित कर दिया गया है।
राज्य शासन द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, डड़सेना द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन किया गया। इसे कर्तव्य में घोर लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई।
आदेश में उल्लेख है कि धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्था बनाए रखने, मिलरों द्वारा धान के समय पर और सही उठाव की निगरानी करने, नियमित निरीक्षण करने तथा उठाए जा रहे धान की समय-समय पर जांच सुनिश्चित करने में गंभीर चूक हुई। यह लापरवाही किसान हित से जुड़े संवेदनशील कार्य में बड़ी चूक मानी गई है।
निलंबन अवधि के दौरान डड़सेना का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित संचालनालय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, इंद्रावती भवन निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
मालूम हो कि मुंगेली जिले में हाल ही में 8 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक की धान की अफरा-तफरी का मामला सामने आया है, जिसमें दो राइस मिल संचालकों सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
राज्य में धान खरीदी में अनियमितताओं के चलते अब तक 38 कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 31 निलंबन, एक की सेवा समाप्ति, दो को सेवा से पृथक, एक को कार्य से पृथक और तीन कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। ये कार्रवाइयां दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों में की गई हैं।


