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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 22 जनवरी। जिले के सिवनी (नैला) गांव में एक बंदर ने मां की गोद से 20 दिन की नवजात बच्ची को छीन लिया और पड़ोस के कुएं में फेंक दिया। अफरा-तफरी के बीच परिजनों ने बाल्टी की मदद से बच्ची को तुरंत बाहर निकाला।
बच्ची की मां सुनीता राठौर, मंगलवार दोपहर अपने घर के बाहर बच्ची के साथ टहल रही थीं। तभी छत पर उछल रहे 4–5 बंदरों में से एक ने अचानक बच्ची को उठा लिया। परिजन पटाखे फोड़कर डराने लगे, लेकिन बंदर ने बच्ची को कुएं में फेंक दिया। गनीमत रही कि बच्ची ने डायपर पहन रखा था, जिससे वह पूरी तरह नहीं डूबी, हालांकि उसने काफी पानी निगल लिया था।
घटना के वक्त गांव में भागवत कथा सुनने आईं सरगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नर्स राजेश्वरी राठौर ने तत्काल मदद की। उन्होंने बच्ची के मुंह से पानी निकाला और सीपीआर दिया। कुछ ही देर में बच्ची रोने लगी। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से रेफर होने पर परिजन निजी अस्पताल लेकर गए।
बच्ची के पिता अरविंद राठौर मड़वा पावर प्लांट में कार्यरत हैं और घटना के समय ड्यूटी पर थे। उन्होंने कहा कि नर्स की त्वरित सहायता और डायपर के कारण उनकी बेटी की जान बच सकी।
मालूम हो कि इन दिनों बागवानी और फसलों की ओर आकर्षित होकर जानवर बस्तियों में पहुंच रहे हैं।


