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ब्राजील के नागरिकों ने रिछारिया लैब देखा
रायपुर, 20 जनवरी। आज 39वे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में इदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में उत्पाद विक्रय केन्द्र के नये स्वरूप का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डाॅ. एस.एस. टूटेजा, निदेशक विस्तार सेवाएं ने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्रों से तकनीकी सहायता प्राप्त एफपीओ और स्वः सहायता समूहों के उत्पादों को विक्रय के लिये एक स्थान प्रदाय किया जा रहा है। इस केन्द्र के माध्यम से विश्वविद्यालय के उत्पाद, भी विक्रय किये जायेंगे। सुरेश चंद्रवंशी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद ने कहा राज्य में अन्य जिलों में भी इस तरह के उत्पाद विक्रय केन्द्र खोले जाना चाहिये। डाॅ. गिरीश चंदेल, कुलपति ने बताया कि काॅमर्शियल बिजनेस माॅडल के आधार पर ग्रासरी और नाॅन ग्रासरी आयटम के साथ विश्वविद्यालय के उत्पाद भी स्थानीय लोगों को प्राप्त होंगे। विशिष्ट अतिथि ज्ञानेन्द्र मणी, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड ने कहा कि कृषक समूहों के उत्पाद को विक्रय करने से सुविधा प्रदान करना भविष्य में सामूहिक कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उत्पाद विक्रय के लिये आनलाइन माध्यम का उपयोग एवं सही पैकेजिंग भी अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यक्रम में डाॅ. वी.के. त्रिपाठी, संचालक अनुसंधान, डाॅ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डाॅ. (श्रीमती) आरती गुहे, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, डाॅ. अजय वर्मा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, डाॅ. ए.के. दवे, निदेशक शिक्षण, डाॅ. कपिल देव दीपक, कुलसचिव एवं विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं उत्पादक एफपीओ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खेती के तिलहन विशेषांक एवं न्यूज लेटर का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम के अंत में डाॅ. गौतम राॅय, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर ने आभार प्रदर्शन किया।
ब्राजील के नागरिकों द्वारा विश्वविद्यालय का भ्रमण साथ ही आज विश्वविद्यालय में रोटरी क्लब रायपुर के माध्यम से ब्राजील के नागरिकों ने मैत्री भ्रमण कर प्रक्षेत्र, चावल जैव विविधता संग्रहण केन्द्र, कृषि संग्रहालय एवं आरएच रिछारिया प्रयोगशाला में कृषि प्रणालियों की जानकारी प्राप्त की।


