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स्टेट मेंटल हॉस्पिटल के मरीजों की सुविधा और पुनर्वास पर कई फैसले
16-Jan-2026 12:03 PM
स्टेट मेंटल हॉस्पिटल के मरीजों की सुविधा और पुनर्वास पर कई फैसले

आमदनी बढ़ी, ओपीडी निःशुल्क करने का निर्णय लिया जीवन दीप समिति ने

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 16 जनवरी। राज्य मानसिक चिकित्सालय, सेन्दरी में जीवनदीप समिति की बैठक में मरीजों के इलाज, सुविधाओं और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे संभागायुक्त सुनील जैन ने कहा कि मानसिक बीमारी कोई कलंक नहीं बल्कि एक सामान्य बीमारी की तरह है, जिसका इलाज संभव है। उन्होंने समाज में सही जानकारी पहुंचाने और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए ठोस कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक के बाद उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

बैठक में बताया गया कि पिछली बैठक के फैसले के अनुसार अस्पताल की ओपीडी सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क कर दी गई है। हर महीने करीब 1300 मरीज यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बीते एक साल में साढ़े 15 हजार से अधिक लोगों ने मानसिक रोगों का उपचार कराया, जबकि 1344 मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया गया।

अप्रैल 2025 से 6 जनवरी 2026 तक अस्पताल को 2 करोड़ 86 लाख रुपये की आय हुई। इसमें से 1.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए और करीब 92 लाख रुपये शेष हैं। इस राशि को अधिक ब्याज देने वाले बैंकों में जमा करने का निर्णय लिया गया। साथ ही लगभग 9 लाख रुपये के जरूरी खर्चों को कार्योत्तर स्वीकृति दी गई।

बैठक में अस्पताल के लिए वाहन, पानी की आपूर्ति, मनोरोग डॉक्टरों के लिए बैठक कक्ष, परिजन कक्ष, प्रशिक्षण शुल्क, भंडार कक्ष में कूलिंग, वाटर कूलर और शेड जैसी सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिए गए।

बैठक के बाद संभागायुक्त और कलेक्टर ने कोनी स्थित हॉफ वे होम का निरीक्षण किया। यहां मानसिक चिकित्सालय के इलाज के बाद स्वस्थ हुए 145 लोगों को अस्थायी संरक्षण दिया गया है। संस्था अब तक 795 लोगों का सफल पुनर्वास कर चुकी है। अधिकारियों ने संस्था डिडनेश्वरी शिक्षा समिति के कार्यों की सराहना की जो इस केंद्र को संचालित कर रही है।


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