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प्रदूषण मुक्त, 24 घंटे पेयजल आपूर्ति पर जोर
लंबित योजनाओं पर चर्चा, केंद्रीय राज्य मंत्री, और डिप्टी सीएम भी रहे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 जनवरी। बिलासपुर शहर, और आसपास के इलाकों के विकास को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, और डिप्टी सीएम अरूण साव भी थे। बैठक में बिंदुवार लंबित योजनाओं पर चर्चा की गई। शहर को प्रदूषण मुक्त, और चौबीसों घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। शहर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने के साथ ही उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
सीएम ने बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बिलासपुर शहर तथा बाहरी इलाकों में प्रस्तावित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है।
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और इसी के अनुरूप शहरी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और इससे जुड़ी परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन की दृष्टि से प्राथमिकता में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। आने वाला बजट भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसके माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
बैठक में सडक़, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार मंथन किया गया। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए आउटर एवं रिंग रोड के विस्तार पर विशेष चर्चा हुई। एनएच-130, एनएच-130ए, एनएच-49 के निर्माण कार्य, बिलासपुर रिंग रोड निर्माण, सेमरी-मोपका, मोपका-जयरामनगर मार्ग, नवीन सडक़ों के निर्माण, सडक़ों की मरम्मत, सौंदर्यीकरण, लिंक रोड, रेलवे ओवरब्रिज एवं अंडरपास निर्माण तथा अंडरग्राउंड यूटिलिटी कार्यों पर प्राथमिकता से विचार किया गया। अव्यवस्थित बिजली पोल एवं बेतरतीब तारों के जाल को व्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि शहरी सौंदर्य और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
स्वास्थ्य अधोसंरचना की समीक्षा के दौरान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय बिलासपुर अंतर्गत राज्य कैंसर संस्थान, कोनी के निर्माण कार्य सहित जिले में संचालित 06 प्रगतिरत स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय सहित प्रस्तावित स्वास्थ्य परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
शिक्षा के क्षेत्र में बिलासपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने हेतु एकेडमिक ब्लॉक, नालंदा परिसर, छात्रावास, लाइब्रेरी, मूक-बधिर शाला तथा छात्रावास के निर्माण पर चर्चा हुई। साथ ही प्रस्तावित शिक्षा विकास कार्यों को गति देने पर बल दिया गया।
बैठक में सिंचाई एवं ग्रामीण जल परियोजनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई। अहिरन-गजरी नाला लिंक परियोजना, छपराटोला फीडर जलाशय योजना तथा प्रस्तावित खारंग जलाशय की बायां तट नहर के आवर्धन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना, किफायती आवास, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना अंतर्गत विकास कार्य, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना, स्ट्रीट लाइट, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की प्रगतिरत योजनाएं, खेल परिसर कैंपस का मानचित्र, प्रस्तावित एयरपोर्ट योजना तथा न्यू ट्रांसपोर्ट नगर के विकास पर भी व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।


