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पथनमथिट्टा (केरल), 11 जनवरी। कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को रविवार तड़के यौन उत्पीड़न के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उन्हें शनिवार देर रात पलक्कड़ से हिरासत में लिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह यहां एक पुलिस शिविर में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, पथनमथिट्टा जिले की एक महिला की शिकायत के बाद पलक्कड़ के विधायक के खिलाफ हाल में यौन उत्पीड़न का तीसरा मामला दर्ज किया गया था।
पीड़िता इस समय कनाडा में है और उसने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस को अपना बयान दिया।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता विवाहित महिला है, जिसकी वैवाहिक जीवन में समस्याओं के बाद ममकूटाथिल से जान-पहचान हुई।
उसने पुलिस को बताया कि ममकूटाथिल ने उससे शादी करने का वादा करके कथित तौर पर उससे बलात्कार किया।
पुलिस ने बताया कि जब वह गर्भवती हुई तो ममकूटाथिल ने कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और उसे गर्भपात कराने की धमकी दी।
पीड़िता ने यह भी दावा किया कि ममकूटाथिल ने कई मौकों पर उससे पैसे लिए थे।
सूत्रों के मुताबिक, मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने ममकूटाथिल पर नजर रखी, जिसके बाद एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम शनिवार देर रात करीब 12.45 बजे उस होटल के कमरे में पहुंची जहां वह ठहरे हुए थे।
उन्हें रात करीब एक बजे होटल से हिरासत में लिया गया और रविवार सुबह करीब 5.30 बजे पथनमथिट्टा पुलिस शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया।
सूत्रों ने कहा कि उनके खिलाफ इसी तरह के दो अन्य मामलों की तफ्तीश कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को इस ताजा मामले की छानबीन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
एसआईटी प्रमुख जी पूंगुजाली पुलिस शिविर पहुंचे और ममकूटाथिल से पूछताछ कर रहे हैं।
प्रारंभिक पूछताछ के बाद, उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई। उन्हें बाद में अदालत में पेश किया जाएगा।
केरल उच्च न्यायालय ने इससे पहले ममकूटाथिल को पहले मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था, जो एक महिला से बलात्कार और उसे गर्भपात के लिए मजबूर करने के आरोपों से संबंधित है।
दूसरे मामले में, तिरुवनंतपुरम की एक सत्र अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी।
इन आरोपों के बाद कांग्रेस ने ममकूटाथिल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
पिछले साल पलक्कड़ में हुए उपचुनाव में ममकूटाथिल ने जीत दर्ज की थी। यह सीट कांग्रेस नेता शफी परम्पिल के कोझिकोड जिले के वडाकारा से लोकसभा सदस्य बनने के कारण खाली हुई थी।
पलक्कड़ जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के अध्यक्ष ए थैंकप्पन ने कहा कि ममकूटाथिल अब पार्टी से जुड़े नहीं हैं।
थैंकप्पन ने कहा, ‘‘यह सच है कि उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। हालांकि, उनके खिलाफ शिकायतें मिलने और मामले दर्ज होने के बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया।’’
इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता पी.के. कृष्णदास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पीड़ितों के बजाय ममकूटाथिल के साथ अधिक खड़ी है।
कृष्णदास ने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘कांग्रेस ने न तो ममकूटाथिल से विधायक पद से इस्तीफा देने को कहा है और न ही उनका त्याग पत्र प्राप्त किया है। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और पार्टी की यह जिम्मेदारी है कि वह उनसे इस्तीफा मांगे।’’
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कहा कि पलक्कड़ विधायक के खिलाफ सिर्फ दो या तीन नहीं, बल्कि दर्जनों शिकायतें थीं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह उन्हें किसी भी प्रकार का संरक्षण न दे।
मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पास जानकारी है कि कांग्रेस खेमा अब भी उनका समर्थन कर रहा है। कानून अपना काम करेगा।’’
शिवनकुट्टी ने कहा कि मामले दर्ज होने के बाद भी, ममकूटाथिल ने कांग्रेस नेताओं के समर्थन से कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया। (भाषा)


