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नयी दिल्ली, 11 जनवरी। भारतीय आईटी दिग्गज व्यावसायिक वृद्धि के लिए 'एजेंटिक एआई' को अपनाने पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। प्रौद्योगिकी परामर्श फर्म 'थॉटवर्क्स' की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह बात कही गई। यह रुझान प्रमुख पश्चिमी बाजारों से अलग है, जहां अभी भी पारंपरिक कार्यक्षमता बढ़ाने पर ही ध्यान दिया जा रहा है।
कंपनी ने बताया कि यह सर्वेक्षण सात देशों के 3,500 उच्च अधिकारियों के बीच किया गया, जिनमें 500 प्रतिभागी भारत से थे।
रिपोर्ट के मुताबिक 48 प्रतिशत भारतीय दिग्गज 'एजेंटिक एआई' को अपनी प्राथमिकता मानते हैं। एजेंटिक एआई दरअसल ऐसे स्वायत्त सिस्टम होते हैं जो स्वतंत्र रूप से काम करने, तर्क करने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम होते हैं।
इसमें कहा गया, ''एजेंटिक एआई को अपनाने के मामले में भारत 48 प्रतिशत के साथ दुनिया में सबसे आगे है। यह अमेरिका (28 प्रतिशत) और ऑस्ट्रेलिया (23 प्रतिशत) जैसे पश्चिमी बाजारों से बिल्कुल अलग स्थिति है, जो अभी भी पारंपरिक दक्षता सुधारने पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।''
रिपोर्ट बताती है कि एजेंटिक एआई पर दिग्गजों का यह ध्यान एक बड़े बदलाव का संकेत है। इससे पता चलता है कि भारतीय उद्यम केवल एआई टूल्स ही नहीं अपना रहे हैं, बल्कि वे एआई-आधारित कारोबारी मॉडल के लिए भी खुद को तैयार कर रहे हैं।
सर्वेक्षण में पाया गया कि भारत में 93 प्रतिशत प्रतिभागी इस बात से सहमत हैं कि सबसे प्रभावशाली एआई पहल वही है जो लोगों के कौशल और काम की गति को बढ़ाए। साथ ही 86 प्रतिशत का मानना है कि एआई प्रतिभा की जगह लेने के बजाय उसे और निखार रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक 57 प्रतिशत लोगों ने बताया कि जैसे-जैसे नौकरियों को मानव-एआई सहयोग के लिए फिर से तैयार किया जा रहा है, कुल भूमिकाओं में वृद्धि हुई है। (भाषा)


