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-विष्णुकांत तिवारी
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैल रही बीमारी के कारण हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं. शनिवार को एक और महिला सुनीता वर्मा की मौत के बाद स्थानीय मीडिया में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 कही जा रही है. हालांकि, प्रशासन इन आंकड़ों से सहमत नहीं है.
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत में कहा, "हमारे पास आधिकारिक तौर पर अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि है. ये सभी मौतें एक्यूट डायरिया के कारण हुई हैं."
"इस अवधि में हुई अन्य मौतों की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है. उसकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है.”
दूषित पानी से मौतों के मामले में राज्य सरकार ने 18 लोगों को मुआवज़ा दिया है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक मृतकों की कुल संख्या को लेकर कोई सटीक आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है.
दूसरी ओर ग्राउंड पर शनिवार 10 जनवरी को भागीरथपुरा में डायरिया के 19 नए मरीज सामने आए जिनमें से दो को अस्पताल रेफ़र किया गया है.
अलग-अलग सूत्रों के मुताबिक अब तक कुल 400 से अधिक मरीज़ भर्ती किए जा चुके हैं. इनमें से 360 से अधिक लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है. रविवार सुबह तक 40 से अधिक मरीज़ अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं.
अस्पताल प्रशासन के अनुसार कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है. कुछ मरीजों को भर्ती के समय तेज उलटी और दस्त की शिकायत थी, जिससे शरीर में पानी की भारी कमी हो गई.
इसके बाद किसी की किडनी तो किसी का लिवर प्रभावित हुआ. डॉक्टरों का कहना है कि कुछ मरीज़ पहले से दूसरी बीमारियों से भी ग्रस्त थे, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ गई.
अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि अपने लोगों को इस हालत में देखना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है.
इसी बीच कई परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय निवासी नहीं होने के कारण उन्हें राहत और मुआवजा प्रक्रिया से बाहर रखा जा रहा है.
धार जिले के रहने वाले रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओम प्रकाश शर्मा की इसी हफ़्ते मौत हो गई थी. वे भागीरथपुरा में अपने बेटे के यहां आए हुए थे.
उनके बेटे गौरव शर्मा का कहना है कि अधिकारियों ने मुआवजे के लिए उनके पिता के आधार कार्ड में भागीरथपुरा का पता दिखाने को कहा.
पत्रकारों से बातचीत में गौरव शर्मा ने कहा, "अधिकारी कह रहे हैं कि आधार कार्ड में यहां का पता दिखाइए. क्या बीमारी आधार कार्ड देखकर आती है. मेरे पिताजी यहां आए, दूषित पानी पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई. अब मैं आधार कार्ड में पता कहां से लेकर आऊं."
शनिवार को मामले की समीक्षा के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि स्थिति तेज़ी से नियंत्रण में आ रही है. उनका कहना है कि फिलहाल कोई नया गंभीर मामला सामने नहीं आया है.
उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर भागीरथपुरा क्षेत्र के हर परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा. लगभग 50 से 60 हजार लोगों की जांच के लिए स्वास्थ्य दल तैनात किए जाएंगे. प्रभावित नागरिकों को स्वास्थ्य कार्ड दिए जाएंगे और सभी जांचें निःशुल्क होंगी.
भागीरथपुरा के हालात पर प्रशासन की नज़र बनी हुई है, लेकिन अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों और उनके परिवारों की चिंता अब भी कम नहीं हुई है. (bbc.com/hindi)


