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भूपेश सरकार में सरकारी जमीनों की बिक्री की जांच चल रही-टंकराम
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 जनवरी। भूपेश सरकार में बिकी सरकारी जमीनों की जांच चल रही है। यह जानकारी राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि शहरी क्षेत्रों में भूमिहीनों को स्थाई, या फिर अस्थाई पट्टा देने की तैयारी चल रही है।
मीडिया से चर्चा में राजस्व मंत्री ने विभाग की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने बताया कि भू-अर्जन के दौरान छोटे टुकड़े कर अनाधिकृत लाभ लेकर अधिक मुआवजा राशि प्राप्त करने पर रोक लगाया गया। परियोजना के लिए आशय पत्र प्राप्त होते ही संभावित क्षेत्र के भूमि पर विक्रय/ विनिमय/ बंटवारा इत्यादि प्रतिबंधित होगा। जिससे शासन को आर्थिक हानि नहीं होगी। राज्य के तीन नगरीय निकाय धमतरी, जगदलपुर, अंबिकापुर के भू-अभिलेखों का अद्यतीकरण के लिए शहरी क्षेत्रों का सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने कॉलोनियों/अपार्टमेंट में निर्मित सडक़, गार्डन, सामुदायिक भवन अनुशांगिक शेष भूमि को संयुक्त नाम पर दर्ज किया जाना। छत्तीसगढ़ पट्टाधृति अधिकार नियम के तहत् शहरी क्षेत्रों में भूमिहीन व्यक्तियों को स्थायी, अस्थायी पट्टा प्रदान करने की तैयारी की जा रही है।
राजस्व मंत्री ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों के ग्रामों में चांदा-मुनारा के लिए 16 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। नगरीय क्षेत्र में 1500 के स्केल पर भूमि का नवीन सर्वेक्षण प्रारंभ किया जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों में छोटे भूखंडों को भू-नक्शे पर दर्ज किया जाना संभव हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया को ऑनलाईन एवं सरल करते हुए ऑटो डायवर्सन की प्रक्रिया प्रारंभ किया जा रहा है। भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्व-नामांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो गया है।
उन्होंने कहा कि रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग जिले में राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना की जाएगी। इस हेतु तहसीलदार के 30 एवं नायब तहसीलदार के 15 नवीन पदों के सृजन का प्रावधान किया गया है।
भू-अभिलेखों को सिविल न्यायालयों से लिंक किया जाएगा। इससे सिविल न्यायालय द्वारा भूमि संबंधी प्रकरणों में पारित आदेशों के परिपालन में भू-अभिलेख का सुधार कार्य ऑनलाइन प्रक्रिया से संभव हो सके। राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार का अधिकार सिर्फ अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को था, जिसे तहसीलदारों को प्रत्यायोजित किया गया। जिससे आमजनता को सुविधा हो लोक सेवा गारंटी में सेवा प्रदाय किये जाने की अवधि को कम किया गया, जिससे आमजनता का काम सरलता से कम समय में पूर्ण हो।
राजस्व मंत्री ने ये भी बताया कि अवैध कालोनी रोकने 5 डिसमिल से कम भूमि के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है छत्तीसगढ़ जन आवास योजना अंतर्गत 2 एकड़ से 10 एकड़ तक टीएनसी से पंजीयन कर छोटे प्लॉट बेच सकता है। हाउसिंग बोर्ड को राज्य शासन द्वारा आबंटित जमीन को हाउसिंग बोर्ड को प्रदाय किया गया।


