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रायपुर, 24 दिसंबर। कांकेर हिंसा के विरोध में सर्व समाज के छत्तीसगढ़ बंद के तहत राजधानी में बड़ा असर देखने को मिला है। शहर के बीच से लेकर आउटर तक छोटी दुकानों से लेकर बड़े माल और सुपर बाजार भी बंद रहे। इस बंद से करीब एक हजार करोड़ रुपए का कारोबार नहीं हो सका।
इस बंद को छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स,कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और सत्तारूढ़ भाजपा ने भी समर्थन दिया था।इनके कार्यकर्ता तड़के से बंद कराने शहर में घूमते रहे हैं। इनका कहीं भी विरोध नहीं हुआ।
शहर के मुख्य बाजार से लेकर गली मोहल्लों की भी दुकानें बंद हैं। रायपुर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड,गोल बाजार, सब्जी मंडी, पंडरी कपड़ा बाजार, गुढ़ियारी डूमरतराई थोक बाजार सब कुछ बंद रहे। जयस्तंभ चौक में लगने वाली नाश्ते की दुकानें बंद है। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी, शिवसेना , भाजपा के कार्यकर्ता बंद कराते जयस्तंभ पहुंच नारेबाजी की। इस बंद को गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, समेत सभी धार्मिक समाजिक संगठनों और संस्थाओँ ने दिया है। शीतकालीन अवकाश की वजह से सभी स्कूल कालेज बीते रविवार से ही बंद हैं। जबकि सभी सरकारी दफ्तरों, बैंक-बीमा कंपनियों में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहा। इसी तरह से सरकारी शराब दुकान, सरकारी निजी अस्पताल और दवा दुकानों को बंद से अलग रखा गया था। इससे करीब छह सौ करोड़ के बैंक ट्रांजेक्शन नहीं हो सके।


