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कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ इंडिया ने क्रिसमस मना रहे लोगों पर हमलों की निंदा की
24-Dec-2025 9:57 AM
कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ इंडिया ने क्रिसमस मना रहे लोगों पर हमलों की निंदा की

-इमरान क़ुरैशी

क्रिसमस के सीज़न में देश के कुछ राज्यों में ईसाइयों पर हमले की कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ इंडिया (सीबीसीआई) ने कड़ी आलोचना की है.

मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीजेपी की ज़िला पदाधिकारी अंजू भार्गव पर क्रिसमस कार्यक्रम में एक दृष्टिबाधित महिला से बदसलूकी का आरोप है. कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ इंडिया ने इस घटना पर हैरानी जताई है.

वहीं छत्तीसगढ़ में ईसाइयों के ख़िलाफ़ 24 दिसंबर को बंद का आह्वान करने वाले पोस्टरों की भी कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ इंडिया ने कड़ी आलोचना की है.

सीबीसीआई ने एक बयान में कहा, "कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ इंडिया क्रिसमस सीज़न में हमारे देश के कई राज्यों में ईसाइयों पर लक्षित हमलों में खतरनाक वृद्धि पर गहरी पीड़ा जाहिर करता है."

"छत्तीसगढ़ में नफ़रत भरे डिजिटल पोस्टरों का सर्कुलेशन भी परेशान करने वाला है, जिसमें कथित तौर पर 24 दिसंबर 2025 को ईसाइयों के ख़िलाफ़ बंद का आह्वान किया गया है, जो तनाव बढ़ा सकता है और आगे हिंसा भड़का सकता है."

केरल में, सिरो मालाबार चर्च ने रविवार रात पलक्कड़ ज़िले के पुडुस्सेरी में युवा कैरल गायकों के एक समूह पर हुए हमले और देश के अन्य हिस्सों में हुई घटनाओं को 'बेहद चिंताजनक' बताया है.

वहीं कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ इंडिया ने कहा, "ये लक्षित घटनाएं, खासकर शांतिपूर्ण कैरल गायकों और चर्चों में प्रार्थना के लिए जुटे लोगों के ख़िलाफ़, भारत के संविधान द्वारा धर्म की स्वतंत्रता और बिना किसी डर के जीने और पूजा करने के अधिकार की गारंटी को कमजोर करती हैं."

कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ इंडिया ने राज्य और केंद्र सरकारों से नफ़रत और हिंसा फैलाने वाले सभी व्यक्तियों और संगठनों के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है.

सीबीसीआई ने अपने बयान में गृह मंत्री अमित शाह से 'कानून को सख़्ती से लागू करने और ईसाई समुदायों को सुरक्षा सुनिश्चित करने' का आग्रह किया है.

सिरो-मालाबार चर्च के मेजर आर्कबिशप मार राफ़ेल थट्टिल ने एक बयान में कहा, "यह राज्य का कर्तव्य है कि वह सभी धार्मिक चरमपंथी प्रवृत्तियों को सख़्ती से नियंत्रित करे जो कानून को अपने हाथ में लेते हैं."

"हमें सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां वे बिना किसी डर के रह सकें. सभी को धार्मिक त्योहारों को शांति से मनाने का समान अधिकार है, चाहे वे अल्पसंख्यक हों या बहुसंख्यक. अब समय आ गया है कि देश एकजुट हो और धर्म के नाम पर फूट डालने की सभी कोशिशों का विरोध करे."

पलक्कड़ पुलिस ने कैरल गीत गायकों को पीटने के आरोप में अश्विन नाम के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.

असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस राजेश कुमार ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "वह एक अपराधी है जिसके ख़िलाफ़ पहले भी मामले दर्ज हुए हैं."

पुलिस ने बीएनएस की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 115 (2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामले दर्ज किए हैं. (bbc.com/hindi)


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