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दिलीप कुमार शर्मा
असम के कार्बी आंगलोंग ज़िले में मंगलवार को दूसरे दिन फिर से भड़की हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैं वेस्ट कार्बी आंगलोंग की स्थिति पर करीब से नजर रख रहा हूं. यह बहुत दुख की बात है कि आज की अशांति में दो लोगों की जान चली गई."
"शांति बनाए रखने के लिए कल खेरोनी में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे. हम सामान्य स्थिति बहाल करने और बातचीत के ज़रिए मुद्दों को सुलझाने के लिए सभी संबंधित लोगों के साथ लगातार संपर्क में हैं."
वहीं, ज़िले में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के दो गुटों के बीच हुई झड़प में कम से कम आठ लोग घायल हुए हैं. इलाके में तैनात पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े.
दरअसल, पिछले 6 दिसंबर से खेरोनी थाने के अंतर्गत फेलांगपी में स्थानीय आदिवासी लोग भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. ये लोग मुख्य रूप से क्षेत्र में सरकारी तौर पर तय चारागाह आरक्षित भूमि और विलेज ग्रेज़िंग रिज़र्व की ज़मीन से कथित अवैध बसावटों को हटाने की मांग कर रहे हैं.
असम सरकार के गृह और राजनीतिक विभाग ने एक आधिकारिक आदेश में बताया कि लोगों में 'शांति और स्थिरता' बनाए रखने और स्थिति को और खराब होने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. फ़िलहाल इंटरनेट सेवा को वेस्ट कार्बी आंगलोंग और कार्बी आंगलोंग दोनों ही ज़िले में सस्पेंड किया गया है.
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को खेरोनी थाना क्षेत्र में स्थित बीजेपी के नेतृत्व वाली कार्बी आंगलोंग स्वायत्तशासी परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलिराम रोंगहांग के घर को आग लगा दी थी.
ज़िला प्रशासन ने इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लगाई थी लेकिन बावजूद इसके मंगलवार को फिर से हिंसा भड़क गई.
असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह सोमवार शाम से प्रभावित इलाकों में कैंप कर रहे हैं. पुलिस महानिदेशक ने स्थानीय मीडिया से कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों में 34 पुलिसकर्मी घायल हुए और कुछ गाड़ियों में भी आग लगाई गई हैं.
पुलिस महानिदेशक ने खेरोनी में पत्रकारों से कहा, "हम पर दो तरफ़ से हमला किया गया. एक आईपीएस अधिकारी समेत 34 पुलिसकर्मी घायल हुए है. मुझे कंधे पर चोट लगी है."
कार्बी आंगलोंग भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत गठित एक स्वायत्त क्षेत्र है और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि आरक्षित ज़मीन पर अन्य राज्यों से आए 'बाहरी लोगों' ने कब्ज़ा कर रखा है. (bbc.com/hindi)


