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-प्रभाकर मणि तिवारी
विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और हिंदू जागरण मंच समेत संघ से जुड़े कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कोलकाता स्थित बांग्लादेश के उप उच्चायोग दफ़्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया.
यह लोग बांग्लादेश के मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास नाम के एक युवक की सामूहिक पिटाई और उनकी मौत का विरोध कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस वालों के साथ उनकी धक्का-मुक्की हुई. भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है. मौके पर भारी तादाद में पुलिस वालों को तैनात किया गया है.
विश्व हिंदू परिषद के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि लाठीचार्ज की वजह से कई लोग घायल हो गए हैं. उनका कहना था कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया.
इन संगठनों के कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में कोलकाता के बेकबागान इलाके में स्थित उप उच्चायोग के दफ़्तर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही उनको रोक दिया.
उसके बाद प्रदर्शकारी पुलिस वालों से भी भिड़ गए. बाद में भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसके अलावा दर्ज़नों लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है.
इन संगठनों का कहना था कि वो ज्ञापन देने के लिए वहां जा रहे थे.
पुलिस के साथ भिड़ंत के कारण इलाके में तनाव बढ़ने के बाद बीजेपी के कई नेता भी मौके पर पहुंचे. उत्तर कोलकाता ज़िला बीजेपी प्रमुख तमोघ्न घोष ने मौके पर पत्रकारों से कहा, "हम पुलिस के लाठीचार्ज के विरोध और हिंदू संगठनों के समर्थन में यहां आए हैं."
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत के कारण पार्क सर्कस इलाके में काफ़ी देर तक ट्रैफ़िक जाम की स्थिति रही. (bbc.com/hindi)


