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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में उद्योग एवं कौशल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो आने वाले वर्षों में मील का पत्थर साबित होगी। आज कार्यक्रम के दौरान 13 हजार 6 सौ 90 करोड़ रूपये के एमओ यू का निष्पादन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और छत्तीसगढ़ भी युवाओं से परिपूर्ण राज्य है। युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोडऩे में उद्योग जगत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पीएम सेतु योजना की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री का वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प है, और छत्तीसगढ़ सरकार भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 के माध्यम से उसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य की नई उद्योग नीति की देशभर में सराहना हो रही है। मात्र एक वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ को 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये प्रस्ताव केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी शुरू हो चुका है। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई और एआई डेटा सेंटर का कार्य प्रारंभ होना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने उद्योगपतियों से आह्वान किया कि वे सुदूर वनांचलों के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ें। इस दिशा में विशेष योगदान के लिए उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा के पदाधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में कम पढ़े-लिखे युवाओं को भी प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपनी अफ्रीकी यात्रा के दौरान माली शहर में महिंद्रा ट्रैक्टरों के व्यापक उपयोग का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापना के लिए कच्चा माल, जल, बिजली और अनुकूल वातावरण की कोई कमी नहीं है। एक समय प्रदेश के विकास में नक्सलवाद बड़ी बाधा था, लेकिन अब वह अंतिम सांसें ले रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से वनांचलों में वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना का आह्वान किया, जिससे आदिवासी समुदाय को रोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण और क्षेत्रीय विकास का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में हुए विभिन्न एमओयू का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया और सभी सहभागियों को बधाई देते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में रोजगार मूलक नई उद्योग नीति तैयार की गई है, जिससे निवेशक छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। नई नीति युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि निष्पादित एमओयू से प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और 24 जिलों में उद्योग निवेश का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं, उद्योगों और निवेशकों के साझा, सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति उसके मानव संसाधन की गुणवत्ता और कौशल क्षमता से निर्धारित होती है। छत्तीसगढ़ तेजी से स्किल्ड मैनपावर हब बनने की दिशा में अग्रसर है, जहां युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस अवसर पर कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास अभिकरण के सीईओ श्री विजय दयाराम के. ने कार्यक्रम की रुपरेखा रखी। कार्यक्रम में उद्योग विभाग के संचालक श्री प्रभात मलिक, सीआईआई चेयरमेन श्री संजय जैन, महिंद्रा एंड महिंद्रा के महाप्रबंधक श्री प्रफुल्ल पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


