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नई श्रम संहिताओं से भारत के श्रम परिदृश्य में एक नया बदलाव आएगा
22-Dec-2025 6:40 PM
नई श्रम संहिताओं से भारत के श्रम परिदृश्य में एक नया बदलाव आएगा

एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया

छत्तीसगढ़' संवाददाता 

रायपुर, 22 दिसंबर ।  भारत सरकार ने 'पुराने' तंत्र—जिसमें कुछ कानून ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के समय के थे—में सुधार करने और करोड़ों श्रमिकों को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से श्रम सुधारों के लिए एक ऐतिहासिक कानून बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 21 नवंबर  को सभी चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया। ये सुधार गिग वर्कर्स  के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज, समान वेतन का वादा, महिला श्रमिकों के लिए विस्तारित अधिकार और सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी को वैधानिक समर्थन और निश्चित अवधि के रोजगार  की शुरुआत जैसे प्रमुख बदलाव ला रहे हैं। सरकार द्वारा लागू नए श्रम कानूनों के हिस्से के रूप में, आज  न्यू सर्किट हाउस में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मीडिया को इन 4 नए श्रम कानूनों के माध्यम से लाए गए सुधारों के प्रति संवेदनशील बनाया गया।

कार्यशाला में श्रम विभाग के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त अंकुर शर्मा, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन  के आयुक्त गौरव डोगरा और कर्मचारी राज्य बीमा निगम  के उप निदेशक धीरेंद्र पटनायक शामिल हुए। पीआईबी के उप निदेशक ने श्रम सुधारों और नए कानून द्वारा भारत के कार्यबल के परिदृश्य को बदलने के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

क्षेत्रीय श्रम आयुक्त अंकुर शर्मा ने  कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएं— मजदूरी संहिता  औद्योगिक संबंध संहिता  व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता , और सामाजिक सुरक्षा संहिता  हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये संहिताएं श्रमिकों को समय पर वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करेंगी, जबकि उद्योगों के लिए अनुपालन प्रक्रिया भी आसान होगी। उन्होंने मीडिया से इन 4 श्रम संहिताओं के माध्यम से लाए गए ऐतिहासिक सुधारों के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करने का आग्रह किया।

EPFO आयुक्त गौरव डोगरा ने भविष्य निधि से संबंधित प्रावधानों की व्याख्या करते हुए कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से ईपीएफ सेवाएं पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गई हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के माध्यम से श्रमिक अपनी पीएफ खाते की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं, क्लेम स्टेटस को ट्रैक कर सकते हैं और समय पर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसने संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है।

ईएसआईसी के उप निदेशक धीरेंद्र पटनायक ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना न केवल श्रमिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उनके परिवारों को चिकित्सा लाभ, मातृत्व लाभ और दुर्घटना की स्थिति में वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि ईएसआईसी नेटवर्क का निरंतर विस्तार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके।

कार्यशाला का समापन पत्रकारों और विशेषज्ञों के बीच प्रश्नोत्तरी सत्र के साथ हुआ। अधिकारियों ने कहा कि मीडिया की सक्रिय भूमिका से श्रम संहिताओं और योजनाओं की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगी, जिससे श्रमिकों और उद्यमियों दोनों को सरकार की नीतियों का अधिकतम लाभ मिल सकेगा।


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