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केंद्रीय राज्य मंत्री व बिलासपुर सांसद साहू ने किया प्रतियोगिता का समापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 22 दिसंबर। स्थानीय बहतराई खेल स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव का रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि तोखन साहू ने पहली बार आयोजित इस खेल महोत्सव की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए जल्द ही सांसद कला महोत्सव शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेलों के साथ-साथ कला को भी समान मंच देना समय की आवश्यकता है।
करीब डेढ़ महीने तक चले इस महोत्सव में बिलासपुर और मुंगेली जिले की ग्राम पंचायतों से लेकर जनपद व जिला स्तर तक 12 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। फाइनल प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने की।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए साहू ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए नागरिकों का स्वस्थ और फिट रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि अधिकाधिक सहभागिता के उद्देश्य से कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, नींबू दौड़, बोरा दौड़ जैसे स्थानीय व पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया।
उन्होंने युवाओं से मोबाइल का उपयोग सीमित कर खेलों की ओर लौटने का आह्वान किया और कहा कि खेल तन-मन को स्वस्थ रखने के साथ अनुशासन, सहयोग और योजना की सीख देते हैं। उन्होंने गीता के कर्मयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि खेल मैदान कर्मयोग की प्रयोगशाला हैं। हार-जीत से ऊपर सीख और प्रयास महत्वपूर्ण है।
तोखन साहू ने जानकारी दी कि 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री सांसद खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वर्चुअल संबोधन देंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से इसे सुनने की अपील की।
अध्यक्षीय संबोधन में विधायक शुक्ला ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर खेलों के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और हमारी पारंपरिक खेल संस्कृति को फिर से मंच मिला है।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने इसे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रभावी माध्यम बताया। पूर्व विधायक डॉ. कृष्ण मूर्ति बांधी ने खेल प्रतियोगिताओं को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप, कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। सफल आयोजन में ग्राम पंचायतों, जनपद व जिला पंचायतों, खेल विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


