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हाईकोर्ट में दी गई अंडरटेकिंग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 22 दिसंबर। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने एक बार फिर 2000 वर्गफुट के मल्टी यूटिलिटी भवन का निर्माण तत्काल शुरू करने की मांग दोहराई है। एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध न होने को लेकर उन्होंने कहा कि टर्मिनल भवन के बाहर न तो ढंग की कैंटीन है, न शौचालय और न ही यात्रियों को छोड़ने–लेने आने वाले लोगों के बैठने की कोई समुचित व्यवस्था।
समिति ने कहा कि इसी मुद्दे पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया था। इसके बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से यह अंडरटेकिंग दी गई थी कि एयरपोर्ट परिसर में सर्वसुविधायुक्त मल्टी यूटिलिटी भवन बनाया जाएगा, जिसमें कैंटीन, टॉयलेट, वेटिंग हॉल और बैठने की व्यवस्था होगी।
समिति का कहना है कि इस आश्वासन को दिए हुए करीब चार माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भवन निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ। हाल ही में एयरपोर्ट निरीक्षण के दौरान समिति को जानकारी मिली कि टर्मिनल के बाहर केवल एक प्लास्टिक शीट वाला अस्थायी टॉयलेट और नगर निगम–स्मार्ट सिटी की एक गुमटी में कैंटीन रखे जाने की तैयारी है।
समिति ने इन व्यवस्थाओं को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि बिलासपुर जैसे शहर के एयरपोर्ट के स्तर को देखते हुए इस तरह के हल्के और अस्थायी इंतजाम स्वीकार्य नहीं हैं। समिति का आरोप है कि यह निर्णय नए नोडल अधिकारी अमित कुमार द्वारा लिया गया है, जबकि एयरपोर्ट प्रबंधन शुरू से ही बिना बड़े टर्मिनल के कोई स्थायी सुविधा देने से बचता रहा है।
समिति ने कहा कि बड़े टर्मिनल भवन का इंतजार करते हुए चार साल बीत गए, लेकिन न नया भवन बना और न ही यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकीं। अब जब 2000 वर्गफुट के मल्टी यूटिलिटी भवन के निर्माण पर सहमति बन चुकी थी और गोयल टीएमटी कंपनी को सीएसआर मद से यह कार्य सौंपा गया था, तब इस तरह का निर्णय समझ से परे है।
समिति का महाधरना रविवार को भी जारी रहा, जिसमें बद्री यादव, समीर अहमद, कवि बनर्जी, गोपी राव, मोहन जायसवाल, विक्रम ठाकुर, मनोज तिवारी, प्रतीक तिवारी, रमाशंकर बघेल, विजय केशरवानी, विनय शुक्ल, शिरीष कश्यप, संतोष पीपलवा, नारद श्रीवास, भैय्यू सिंह गौतम, बद्री प्रसाद कैवर्त, परसराम कैवर्त, दीपक कश्यप, मजहर खान सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल रहे।


