ताजा खबर

35 वर्ष की वकालत पूरी करने वाले अधिवक्ताओं का सम्मान
21-Dec-2025 10:42 AM
35 वर्ष की वकालत पूरी करने वाले अधिवक्ताओं का सम्मान

मुख्य न्यायाधीश ने कहा-संविधान से ही कानून को मिलती है नैतिक शक्ति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 21 दिसंबर। जिला बार एसोसिएशन रायपुर में एक सम्मान समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया, जिसमें वकालत के क्षेत्र में 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, विशेष रूप से मौजूद थे।

समारोह में कुल 32 वरिष्ठ अधिवक्ताओं को उनके दीर्घकालीन योगदान और विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कैरम, शतरंज, गायन, रंगोली, सलाद मेकिंग और मेहंदी जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित हुईं, जिनमें प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

जस्टिस सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि बार में 35 वर्ष पूरे करना केवल समय की गणना नहीं, बल्कि बौद्धिक अनुशासन, नैतिक दृढ़ता, पेशेवर साहस और विधि के शासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि कानून की नैतिक शक्ति और वैधता भारत के संविधान से आती है, जो मनमानी के विरुद्ध समाज का मजबूत कवच है।

मुख्य न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं को “कोर्ट के अधिकारी” और “संवैधानिक स्वतंत्रताओं के संरक्षक” बताते हुए कहा कि संविधान को जीवंत दस्तावेज बनाए रखने में उनकी भूमिका अनिवार्य है। केवल व्याख्या से नहीं, बल्कि उसके भाव को समझकर और निभाकर। उन्होंने बार की स्वतंत्रता को न्यायपालिका की स्वतंत्रता से अविभाज्य बताया।

उन्होंने कहा कि न्याय की गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि अदालत के समक्ष कितनी स्पष्टता, विद्वता और ईमानदारी से पक्ष रखा जाता है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने न केवल पेशेवर उत्कृष्टता दिखाई, बल्कि संस्थागत परंपराओं, नैतिक मानकों और युवा वकीलों के मार्गदर्शन में भी अहम भूमिका निभाई है।

युवा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कानून की महानता उसकी दंडात्मक शक्ति में नहीं, बल्कि उसकी नैतिक विश्वसनीयता और समाज सेवा में है, जो निरंतरता, ईमानदारी और संवैधानिक मूल्यों के पालन से बनती है।

कार्यक्रम में हाई कोर्ट के न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल, जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा और जस्टिस बिभू दत्त गुरु भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा रजिस्ट्रार जनरल, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर, जिले के अन्य न्यायिक अधिकारी, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव, तथा जिला बार एसोसिएशन रायपुर के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और बड़ी संख्या में बार के सदस्य मौजूद रहे।

 


अन्य पोस्ट