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सिंहदेव ने कहा-निरर्थक था..
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 20 दिसंबर। रायपुर से अंबिकापुर फ्लाई बिग एयरलाइंस की विमान सेवा बंद हो चुकी है। एयरलाइंस ने विंटर सीजन के लिए अपनी उड़ानों का विवरण जमा नहीं किया, जिसके बाद माना जा रहा है, कि विमान सेवा आगे जारी नहीं रहेगी। हालांकि राज्य सरकार विमान सेवा शुरू करने के लिए पहल कर रही है।
इस पूरे मामले पर डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने 'छत्तीसगढ़' से चर्चा में कहा कि जिस तरह रायपुर-बिलासपुर-अंबिकापुर हवाई सेवा चल रही थी, उसका कोई औचित्य नहीं था। हवाई सेवा नियमित नहीं थी। अंबिकापुर-बिलासपुर सेवा तो निरर्थक थी। सिंहदेव ने कहा कि रायपुर-अंबिकापुर-बनारस, या फिर रांची से जुड़ने पर फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी इंडिगो और एयर इंडिया प्रबंधन से चर्चा हुई है। राज्य सरकार के अफसरों से भी बात हुई है। सरकार भी अपनी तरफ से पहल कर रही है। वो इस सिलसिले में सीएम को भी चिट्ठी लिखने वाले हैं।
अंबिकापुर-बिलासपुर-रायपुर फ्लाईबिग एयरलाइंस की हवाई सेवा अब पूरी तरह बंद हो चुकी है। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत यह सेवा 19 दिसंबर 2024 को शुरू की गई थी, लेकिन एक साल के भीतर ही विमान सेवा बंद हो गई।
एयरलाइंस ने 29 अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाले विंटर शेड्यूल के लिए अपनी उड़ानों का विवरण जमा नहीं किया, जिसके बाद यह मान लिया गया कि कंपनी ने इस रूट से अपनी सेवाएँ आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी हैं।
जानकारी के मुताबिक जून 2025 के बाद से इस रूट पर केवल पाँच उड़ानें ही संचालित हो सकीं। इसकी वजह लगातार बारिश का मौसम और बार-बार सामने आई तकनीकी खराबियाँ बताई जा रही हैं। उड़ानों की अनियमितता शुरू से ही इस सेवा की सबसे बड़ी कमजोरी रही।
यात्रियों की संख्या घटने का एक बड़ा कारण टिकट के दामों में तेज़ बढ़ोतरी भी रही। शुरुआती दौर में जहाँ किराया 999 रुपये रखा गया था, वहीं बाद में यह बढ़कर 5999 रुपये तक पहुँच गया। महंगे टिकट और अनिश्चित उड़ानों की वजह से यात्रियों ने इस सेवा से दूरी बना ली।
कंपनी को खासतौर पर अंबिकापुर–बिलासपुर सेक्टर में मांग न होने के कारण भारी घाटा उठाना पड़ा। कहा जा रहा है कि रूट का चुनाव ही व्यावहारिक नहीं था।
हालाँकि फ्लाईबिग एयरलाइंस की ओर से सेवा बंद करने को लेकर अब तक कोई औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है, लेकिन विंटर शेड्यूल जमा न किया जाना इस बात की साफ़ पुष्टि करता है कि उड़ानें अब दोबारा शुरू होने की संभावना नहीं है।


