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ईंट भट्ठे में बंधक मजदूरों को छुड़ाने बचाव टीम तमिलनाडु रवाना
04-May-2022 11:51 AM
ईंट भट्ठे में बंधक मजदूरों को छुड़ाने बचाव टीम तमिलनाडु रवाना

 बंधक मजदूरों में दो नाबालिग भी   
  मोबाइल, आधारकार्ड और पैसे भट्ठा मालिक ने छीन लिए, खाना नहीं दे रहे- मजदूर  
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
महासमुंद, 4 मई।
महासमुंद जिले के दो गावों धनोरा और अरंड के 8 मजदूरों को तमिलनाडु की एक ईंट भट्ठे में बंधक बनाए जाने वाले मामले में कलेक्टर के आदेश पर बनी टीम मजदूरों के बचाव के लिए टीम आज सुबह तमिलनाडु रवाना हुई है। इस टीम में राजस्व विभाग, श्रम विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। जानकारी अनुसार टीम में नायब तहसीलदार पिथौरा उमेश लहरी, कल्याण निरीक्षक श्रम विभाग टीकमचंद चंद्राकर, श्रम विभाग के कम्प्यूटर ऑपरेटर विजय कुमार साहू, पिथौरा थाना के एएसआई प्रकाश चंद नागरची और पिथौरा थाना के आरक्षक परमेश्वर प्रजापति शामिल हंै।

घटनाक्रम अनुसार का खड़सा और अरंड के 8 मजदूरों को तमिलनाडु की एक फैक्ट्री में बंधक बनाए जाने की लिखित शिकायत परिजनों ने पिथौरा थाने में दी 20 अप्रैल को दी थी। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आखिरकार परिजनों ने अपने समाज के मुखिया को घटनाक्रम के बारे में बताया और समाज के पदाधिकारियों के साथ परिजन मंगलवार को कलेक्टर के पास पहुंचे और  मामले की जानकारी दी थी।

जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने बंधक बनाए गए मजदूरों के बचाव के निर्देश दिए और मजदूरों को बचाव करने के लिए उन्होंने तत्काल एक टीम का गठन भी कर दिया। साथ ही तमिलनाडु के जिस जिले में मजदूरों को बंधक बनाया गया है, वहां के कलेक्टर, एसपी को भी पत्र लिखकर जानकारी दी गई है। खबर है कि ग्राम अरंड से 4 और धनोरा से 4 युवाओं को मजदूरी के लिए तमिलनाडु ले जाया गया था। इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। इन युवाओं ने परिजनों को फोन कर हाल ही में बताया कि उनका मोबाइल, आधारकर्ड और पैसा भट्ठा मालिक ने छीन लिया है। खाना नहीं दिया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार बंधक मजदूरों में अरंड निवासी अजय ध्रुव (26), बसदेव ध्रुव (22), हुमन ध्रुव (18)वर्ष, सूरज ध्रुव (17), ग्राम धनोरा से रितेश दीवान (16), तरुण ध्रुव (23), हेमंत ध्रुव (25) व हेमसिंग ध्रुव (18) शामिल हैं।
 

इस मामले में गोड़ समाज के जिलाध्यक्ष मनराखन ठाकुर ने छत्तीसगढ़ को बताया कि परिजनों ने पूर्व में थाने में शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कल मंगलवार को परिजन मेरे पास पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद बंधक बनाए गए युवाओं के परिजन के साथ मैं थाने पहुंचा और इसकी जानकारी कलेक्टर को भी दी। इसके बाद कलेक्टर ने बंधक बनाए गए युवाओं को छुड़ाने के निर्देश देते हुए टीम का गठन किया।

 


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