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नींबू के दाम ने खट्टे किए दांत, चोरी के कारण पहरेदारी की नौबत
15-Apr-2022 12:57 PM
नींबू के दाम ने खट्टे किए दांत, चोरी के कारण पहरेदारी की नौबत

उत्तर भारत में इस साल गर्मी जल्दी आ गई है और इसी बीच बाजारों में नींबू बहुत महंगा हो गया है. हालत ये हो गई है कि लोगों तक पहुंचने से पहले ही नींबू बाग और बाजारों से चोरी हो जा रहे हैं.

   डॉयचे वैले पर समीरात्मज मिश्र की रिपोर्ट-

पेट्रोल और डीजल के दामों में तो ‘आग लगी' ही है, कई और चीजों के दाम भी लगातार बढ़ते रहे हैं लेकिन भारत में नींबू के दाम जिस ऊंचाई पर पहुंच गए हैं, इससे पहले वैसा कभी नहीं देखा गया. ना सिर्फ फुटकर और थोक नींबू के दाम आसमान छू रहे हैं बल्कि अब तो नींबू की चोरी भी हो रही है और नींबू के बाग के मालिकों को रात-दिन बाग की पहरेदारी करनी पड़ रही है.

24 घंटे नींबू की रखवाली
दाम के मामले में सेब, आम, कीवी, अंगूर जैसे फलों से भी आगे निकल चुके नींबू की यूपी के कई इलाकों में चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. गोदामों से नींबू चोरी की घटनाओं के बाद अब बगीचों से भी नींबू चोरी होने लगे हैं. इटावा में दो दिन पहले ऐसी ही एक घटना सामने आई है. इसे देखते हुए बाग मालिक अपने बगीचों की रखवाली चौबीस घंटे कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें अलग-अलग शिफ्टों में लाठी-डंडे लेकर ड्यूटी देनी पड़ रही है.

कानपुर के बिठूर इलाके में नींबू लुटेरों का खौफ साफ दिख रहा है. यहां लाठी लिए लोग रात भर नींबू के बाग में पहरा दे रहे हैं. यहां बिठूर के अलावा चौबेपुर, कटरी, मंधना जैसे कई इलाकों का भी यही हाल है जहां हजारों बीघे में नींबू के बाग हैं. ऐसा पहली बार है कि नींबू के बगीचों की इस तरह से रखवाली करनी पड़ रही है.

राम अभिलाष निषाद के बिठूर में नींबू के दो बड़े बाग हैं. वो कहते हैं, "नींबू का दाम अचानक बहुत बढ़ जाने से बगीचों से इसकी लूट होने लगी है. कई बगीचों से लोग रात के अंधेरे में नींबू तोड़ कर भाग जा रहे हैं. हालांकि बगीचों की रखवाली वैसे भी करनी पड़ती है कि कोई जानवर ना आ जाए लेकिन चोरों से रखवाली में इतनी मेहनत पहले कभी नहीं करनी पड़ी. बड़े बगीचों के मालिकों ने तो निगरानी के लिए पहरेदार रखे हैं जबकि छोटे बगीचों के मालिक खुद ही परिवार के साथ रात भर पहरा दे रहे हैं. पहरेदारी में हजारों रुपये खर्च भी हो रहे हैं.”

नींबू के दाम में भारी तेजी
दरअसल, गर्मियों में नींबू की मांग ज्यादा होती है क्योंकि शिकंजी समेत कई अन्य चीजों में इसका इस्तेमाल बढ़ जाता है. दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में एक नींबू की कीमत दस रुपये या उससे भी अधिक है. गाजियाबाद में नींबू के एक थोक व्यापारी अफसर अहमद कहते हैं, "पहले नींबू की जो बोरी सात-आठ सौ रुपये में मिलती थी, वही बोरी अब तीन हजार रुपये से भी ज्यादा में मिल रही है. प्रति किलो इसके भाव तीन सौ रुपये तक पहुंच गए हैं जबकि सामान्य तौर पर 70-80 रुपये से ज्यादा कभी नहीं रहते.”

जहां तक नींबू के दाम बढ़ने का सवाल है तो गर्मी में मांग बढ़ने से कीमत थोड़ी बहुत जरूर बढ़ती है लेकिन इस बार फसल अच्छी ना होने से इसकी आपूर्ति में कमी है जिसकी वजह से कीमतें आसमान छूने लगी हैं. बरेली के एक किसान बताते हैं कि नींबू की फसल पर कीड़ा लगने के कारण फसल को काफी नुकसान हुआ है. कहीं-कहीं तो बगीचों में केवल दस फीसदी ही फसल बची है. उनके मुताबिक, जो नींबू बाजार में आ रहा है, वो बाहर से आ रहा है, इसलिए दाम ज्यादा हैं.

नींबू की चोरी
चोरी की घटनाएं भी इसी वजह से बढ़ रही हैं और जिन बगीचों में नींबू की बची-खुची फसल है, किसान उसे किसी भी कीमत पर बचाना चाहते हैं. बरेली जिले की डेलापीर मंडी से चोरों ने एक गोदाम से पिछले हफ्ते करीब आधा क्विंटल नींबू चोरी कर लिया. इसे लेकर व्यापारियों ने काफी हंगामा किया. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, काफी हाथ-पैर मारा लेकिन कुछ पता नहीं चल सका. इसी तरह पिछले दिनों शाहजहांपुर की बजरिया सब्जी मंडी से भी गोदाम का शटर तोड़कर नींबू की चोरी हो गई. इटावा में एक किसान के बाग से ही चोर रात में नींबू तोड़ ले गए, जिसकी वजह से अब वहां भी बाग मालिक पहरेदारी करने लगे हैं.

हालांकि यूपी में किसी बाग से नींबू चोरी का पहला मामला कानपुर में दर्ज किया गया है. बिठूर के रहने वाले अभिषेक निषाद ने थाने में नींबू चोरी की एफआईआर लिखाने के लिए तहरीर दी है. अभिषेक के मुताबिक, उनके तीन बीघे के बगीचे से तीन दिन में चोर करीब 15 हजार नींबू तोड़ ले गए. अभिषेक ने तो अब बाग में ही अपना बसेरा बना लिया है और कहते हैं कि जब तक नींबू तैयार नहीं हो जाते, तब तक यहीं रहेंगे.

कहां गए नींबू
बताया जा रहा है कि नींबू के दाम बहुत लंबे समय तक इतने ज्यादा नहीं रहेंगे लेकिन राहत मिलने की उम्मीद तभी है जब नींबू की नई फसल बाजार में आ जाएगी, और ऐसा होने में कम से कम दो महीने का समय लगेगा. देश भर में नींबू की सबसे ज्यादा आपूर्ति आंध्र प्रदेश और गुजरात से होती है और इन जगहों पर नींबू की पिछली फसल अच्छी नहीं हुई थी जिसकी वजह से मंडियों में सप्लाई कम हो पाई है.

इसके अलावा बारिश की वजह से भी फसल को नुकसान हुआ है. पिछले साल के चक्रवाती तूफान की वजह से कई जगहों पर नींबू की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई. इसके अलावा कई राज्यों में नींबू की कमजोर फसल के लिए दूसरे कारण भी जिम्मेदार रहे.

जून के महीने में कर्नाटक से नींबू की आपूर्ति शुरू हो जाती है जिसके बाद नींबू के दाम कुछ कम होने की उम्मीद है. गुजरात और महाराष्‍ट्र से नींबू अगस्त-सितंबर में आना शुरू होता है और इस तरह से देश भर में नींबू की आपूर्ति का एक चक्र बना रहता है. इसके अलावा अन्य राज्यों भी स्थानीय स्तर पर नींबू की पैदावार होती है जो वहां की जरूरतों को पूरा कर देती है.

नींबू की देश भर में कमी होने के पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि देश के जिन हिस्सों में नींबू का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, वहां इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है.गर्मी की मार की वजह से नींबू उत्पादन प्रभावित हुआ है. नींबू के फल शुरुआती दिनों में ही खराब हो जा रहे हैं जिससे उत्पादन कम हो गया है. इसके अलावा मौसम के लगातार करवटें बदलने का असर भी उत्पादन पर पड़ रहा है.

तेज हवाओं और गर्मी के कारण नींबू ही नहीं बल्कि अन्य फलों के फूल और फल गिरकर नष्ट हो रहे हैं और उत्पादन कम हो रहा है. इसके अलावा, बढ़ते पेट्रोल-डीजल कीमतों के कारण परिवहन भी महंगा हुआ है और उसकी वजह से भी दाम में बढ़ोत्तरी हो रही है. (dw.com)
 


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