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गुड फ्राइडे आज, वे ऑफ द क्रॉस का निकलेगा जुलूस
14-Apr-2022 5:23 PM
गुड फ्राइडे आज,  वे ऑफ द क्रॉस का निकलेगा जुलूस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 अप्रैल।
प्रभु यीशु मसीह का बलिदान दिवस गुड-फ्राइडे शुक्रवार को है। इंसानों के उद्धार के लिए उन्होंने अपनी जान निदोर्ष होते हुए दी। इसके स्मरण में गिरजाघरों में संजीदगी की आराधनों होंगी। मसीहीजन उपवास करेंगे। गुरुवार को पुण्य गुरुवार यानी मॉन्डी थर्स-डे पर प्रभु भोज का पवित्र संस्कार हुआ। प्रभु ने अपने शिष्यों के साथ अंतिम भोज किया था और इसके स्मरण में यही करने की वाचा बांधी थी। कोरोना की वजह से प्रभु यीशु द्वारा अपने शिष्यों के पैर धोकर दीनता व नम्रता का नमूना पेश करने प्रसंग आज गिरजाघरों में हुआ। कोरोना के प्रकोप की वजह से दो साल से ये संस्कार नहीं हो पाए थे।

प्रदेश के कुनकुरी कैथेड्रल, राजधानी में सेंट पॉल्स कैथेड्रल व बैरनबाजार में सेंट जोसफ महागिरजाघर समेत चालीस चर्चों में पुण्य गुरुवार की वर्शिप की गई। छत्तीसगढ़ डायसिस के बिशप अजय उमेश जेम्स ने पवित्र संस्कार संपन्न किए।  पादरी अजय मार्टिन ने आराधना में अगुवाई की। डायसिस के प्रवक्ता जॉन राजेश पॉल ने बताया कि जोधपुर के पास्टर जितेंद्र नाथ ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रवचन दिया।  सेंट जोसफ महागिरजाघर में आर्च बिशप विक्टर हैनरी ठाकुर ने द लास्ट सप्पर की आराधना संपन्न कराई।  विकार जनरल फादर सेबेस्टियन, फादर जोस आदि भी आराधना में शरीक हुए।  स्तर की भोर की आराधना कब्रस्थानों में होगी। दो साल तक कोरोना की वजह से चर्चों व कब्रस्तटाों में मसीहीजनों का प्रवेश रोक दिया गया था।  सचिव मनशीष केजू ने बताया कि शनिवार को सुबह छह बजे से प्रार्थना श्रृंखला और भजन संध्या होगी।

प्रभु येशु की क्रूस पर कही इन सात वाणियों पर होगा मनन -
1. हे पिता, इन्हें क्षमाकर क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या करते हैं..
2. आज ही, तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा...
3. हे नारी, देख ये तेरा पुत्र। (शिष्य से) देख, ये तेरी माता।
4. मैं प्यासा हूं..
5. पूरा हुआ ...
6. हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर तूने मुझे क्यों छोड़ दिया...
7. पिता, मैं अपना आत्मा आपके हाथ सौंपता हूं...  

कब क्या होगा ........
सेंट जोसेफ महागिरजाघर से शुक्रवार को दोपहर तीन बजे कलवारी मार्ग का जुलूस आर्च बिशप विक्टर हेनरी ठाकुर, फादर सेबेस्टियन पी.  विकार जनरल की अगुवाई में निकलेगा।  इसके बाद चर्च में यूनिवर्सल प्रेयर होगी।  शनिवार को मध्य रात्रि चर्च में ईस्टर की आराधना होगी।
सेंट पॉल कैथेड्रल में शुक्रवार को दोपहर बारह बजे से गुड फ्राइडे की संजीदगी की आराधना होगी। शनिवार को सुबह छह बजे से प्रार्थना श्रृंखला होगी।  रविवार की सुबह पांच बजे कब्रस्थान में सुन राइज सर्विस फिर चर्च में सादे आठ बजे  ईस्टर की आराधना होगी।
पास्टर राजेश गार्डिया के चर्च में गुड फ्राइडे और ईस्टर की आराधनाएं सुबह दस से बारह बजे तक होंगी।

सेंट मैरी ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च शंकर नगर में विकार जनरल फादर जैकब थॉमस शुक्रवार को सुबह आठ और शाम को छह बजे आराधना संपन्न करेंगे।  16 अप्रैल को शाम सात बजे ईस्टर मनाया जाएगा।  सचिव एलेक्स पी. मैथ्यू  और  कोषाध्यक्ष प्रीथा रंजीत अगुवाई करेंगे।
जोरा में सेंट जेकब चर्च में पादरी असीम प्रकाश विक्रम गुड फ्राइडे दोपहर 12 से 3 आराधना लेंगे। रविवार को ईस्टर की प्रार्थना चर्च में सुबह दस बजे होगी।

ग्रेस चर्च में पादरी शमशेर सैमुएल गुड फ्राइडे को दोपहर 12 बजे और ईस्टर की आराधना रविवार को सुबह आठ बजे संपन्न करेंगे।
सेंट मैथ्यूज चर्च में पादरी सुनील कुमार गुड फ्राइडे को दोपहर 12 बजे और ईस्टर पर रविवार की सुबह 9 बजे प्रेयर सर्विस चर्च में होगी।

फादर निर्दोष एक्का ने बताया कि पुण्य शुक्रवार ईसाई मतावलम्बियों के लिए बहुत ही महत्तवपूर्ण है। इसी दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। सूली पर चढऩे के तीसरे दिन प्रभु ईसा मसीह मृतकों में से जी उठे थे। उस दिन को खुशी के दिन में ईस्टर के रूप में मनाया जाताहै। ईसा मसीह ने अपने जीवन, प्रवचनों एवं उपदेशों और परोपकार के कार्यों द्वारा समाज में प्रेम के जीवन के वकालत की। ईसाई, इस दिन ईसा मसीह के संघर्ष गाथा दुहराते हैं। ईसा ने संदेश दिया था कि इससे बड़ा प्रेम किसी का नहीं कि कोई अपने मित्रों के लिए अपने प्राण अर्पित कर दें। ईसा मसीह ने कहा था कि यदि तुम लोग मेरी आज्ञाओं का पालन करते हो, तो तुम मेरे मित्र हो। ईसा मसीह के इस बात एवं व्यवहार को सामान्य बौध्दिक क्षमता वाला व्यक्ति भी अपने साधारण अनुभव से समझ सकता हैं। पुण्य शुक्रवार मानवीय जीवन को प्रेम के जीवन में परिवर्तित करने की क्षमता विकसित करने की यादगारी का दिन और मनन चिंतन तथा प्रार्थना द्वारा क्षमा और प्रेम के जीवन का सामर्थ्य विकसित करने तथा पीड़ा और कष्टों को उत्साहपूर्वक सामना करने के लिए आध्यात्मिक एवं मानसिक सामर्थ्य विकसित करने का दिन है।


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