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आंबेडकर जयंती पर फडणवीस का शरद पवार पर प्रहार, कश्मीर फ़ाइल्स और इशरत जहां का ज़िक्र
14-Apr-2022 4:56 PM
आंबेडकर जयंती पर फडणवीस का शरद पवार पर प्रहार, कश्मीर फ़ाइल्स और इशरत जहां का ज़िक्र

संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी और एनसीपी चीफ़ शरद पवार पर निशाना साधते नज़र आए. एक के बाद एक कई ट्वीट में फडणवीस ने एक साथ कई आरोप लगाए हैं.

अपने पहले ट्वीट में देवेंद्र फडणवीस ने जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्ज़ा वापस लिए जाने को लेकर ऐसा बताया है कि शरद पवार आर्टिकल 370 के हटाए जाने के विरोध में थे.

एक आर्टिकल शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ''एक तरफ, हम डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती मना रहे हैं, जो जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्ज़ा देने वाले आर्टिकल 370 के ख़िलाफ़ थे. लेकिन डॉ आंबेडकर की इच्छाओं और मूल्यों के ख़िलाफ़ क्या कहा जा रहा है?''

तुष्टिकरण का आरोप

फडणवीस आगे लिखते हैं, ''हम द कश्मीर फाइल्स पर शरद पवार के अलग-अलग बयान सुन रहे हैं, ये बिल्कुल आश्चर्य की बात नहीं है. वास्तव में वो पूरी तरह से एनसीपी की तुष्टिकरण नीति के अपने पुराने ट्रैक पर ही है और सांप्रदायिक आधार पर समाज का ध्रुवीकरण कर रहे हैं.''

दरअसल, एनसीपी चीफ़ शरद पवार द कश्मीर फाइल्स फिल्म की आलोचना कर चुके हैं और ये भी कह चुके हैं कि सत्ता में बैठे लोग इस फिल्म का प्रचार कर रहे हैं.

फडणवीस एक और आर्टिकल शेयर करते हुए अपने अगले ट्वीट में लिखते हैं, ''अंडरवर्ल्ड अपराधी दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोप में उनके अपने मंत्री नवाब मलिक को गिरफ्तार किए जाने पर शरद पवार ने क्या कहा था, इसका हालिया उदाहरण यहाँ दिया गया है.''

इस आर्टिकल में लिखा गया है कि शरद पवार ने कहा था कि नवाब मलिक मुस्लिम हैं, इस वजह से उनका नाम दाऊद इब्राहिम से जोड़ा जा रहा है. इसके अलावा इशरत जहां, मालेगांव विस्फोट, 1993 मुंबई ब्लास्ट को लेकर शरद पवार के बयानों वाले आर्टिकल फडणवीस ने शेयर किए हैं और शरद पवार पर आरोप लगाए हैं.

देवेंद्र फडणवीस ने अपने ट्वीट में लिखा है, ''जब हम सांप्रदायिक सौहार्द की उम्मीद करते हैं तो ऐसे दोहरे मापदंड क्यों? कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को लेकर बनाई गई फिल्म किसी को क्यों परेशान करती है, सिर्फ़ इसलिए कि ये छद्म धर्मनिरपेक्ष एजेंडे को शोभा नहीं देता.''

उन्होंने आगे लिखा कि द कश्मीर फ़ाइल्स फिल्म किसी धर्म के ख़िलाफ़ नहीं लेकिन ये उन लोगों के ख़िलाफ़ है जो लोगों को जब दर्द होता है तो उसे दूसरी तरफ़ से देखने का फ़ैसला करते हैं, क्योंकि उन्हें ये लगता है कि ये उनके तुष्टिकरण के राजनीतिक एजेंडे जैसा है, जिससे सांप्रदायिक विभाजन होता है. (bbc.com)


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