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लिखित आदेश पर भेजा गया था, हालत चिंताजनक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 अप्रैल । यह एक ऐसा मामला है जिसमें राज्य कृषि मंडी बोर्ड ने केंद्र सरकार में पदस्थ संयुक्त सचिव डॉ. एम गीता के घर दिल्ली में घरेलू सामान भिजवाने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई। और अब जब एक कर्मचारी को ब्रेन हैमरेज हो गया, तो उसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया। कर्मचारी की हालत चिंताजनक बनी हुई है। खास बात यह है कि डॉ. गीता काफी पहले ही कृषि विभाग के दायित्व से मुक्त हो चुकी थी, लेकिन बोर्ड के अफसर-कर्मी उनकी तीमारदारी में लगे रहे।
आईएएस की 97 बैच की अफसर डॉ. एम गीता कृषि उत्पादन आयुक्त के पद पर थीं। करीब सालभर पहले कृषि विभाग के दायित्व से मुक्त कर उन्हें दिल्ली में आवासीय आयुक्त बनाया गया। तीन माह पहले उनकी केंद्र सरकार में पोस्टिंग हो गई, और कुछ दिन पहले उन्हें आवासीय आयुक्त के पद से रिलीव कर दिया गया।
बताया गया कि देवेंद्र नगर में डॉ. गीता के सरकारी निवास पर कुछ सामान को दिल्ली भिजवाना था। कहा जा रहा है कि डॉ. गीता की पहल पर मंडी बोर्ड के अफसरों ने दो कर्मचारियों फारूक अहमद और कुलेश्वर साहू की ड्यूूटी लगाई। अपर संचालक अशोक कुम्भज ने बकायदा प्रमाणित भी किया है। 25 मार्च को आदेश जारी किए गए।
दोनो कर्मचारी लौट रहे थे, तभी ग्वालियर के पास कुलेश्वर साहू को बे्रन हैमरेज हो गया। कुलेश्वर साहू को पहले ग्वालियर में भर्ती कराया गया, और फिर रायपुर लाकर एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। इसके कुछ दिन बाद उसे यहां डीकेएस में भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। कुलेश्वर साहू रायपुर कृषि उपज मंडी में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी है। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है, और बोर्ड के अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया। इस पूरे मामले में रायपुर कृषि उपज मंडी के सचिव प्रदीप शुक्ला ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि उच्चाधिकारियों के कहने पर उन्हें दिल्ली भेजा गया था। जहां तक बीमार कर्मचारी का सवाल है, तो वह दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी था, और व्यक्तिगत स्तर पर उसकी मदद की जा रही है। इस पूरे मामले में अपर संचालक अशोक कुम्भज से चर्चा की कोशिश की गई, किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।


