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कर्नाटक में चल रहे हलाल मीट विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि अनावश्यक रूप से ये मुद्दा खड़ा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों को इससे परेशानी नहीं है कि मीट हलाल है या झटका.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- ये मुददे अनावश्यक रूप से खड़े किए जा रहे हैं. अगर इस तरह सांप्रदायिक संघर्ष शुरू हो जाएगा, तो इसका असर उद्योगों पर होगा. इसलिए कॉरपोरेट कंपनियाँ अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. पिछले दिनों कर्नाटक में बजरंग दल समेत कई दक्षिणपंथी संगठनों ने हलाल मीट पर बैन लगाने की मांग की थी.
राज्य के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने इस मांग पर ग़ौर करने की बात कह दी, जिसके बाद बयानबाज़ी और तेज़ हो गई. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने भी हलाल मीट को बैन करने की वकालत की. उन्होंने इसे आर्थिक जिहाद कह दिया.
बाद में कर्नाटक में पशुपालन विभाग ने एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि जानवरों को काटने से पहले उन्हें बिजली के झटके देकर बेहोश करना ज़रूरी है. कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने इस नोटिस को मूर्खतापूर्ण कहा था. उन्होंने कहा कि हमें सबके हितों की रक्षा करनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे इससे जुड़े सभी लोगों की रक्षा करें. (bbc.com)


