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भारत मदद नहीं भेजता तो ख़त्म हो जाते- डॉ. हर्षा डीसिल्वा
03-Apr-2022 7:06 PM
भारत मदद नहीं भेजता तो ख़त्म हो जाते- डॉ. हर्षा डीसिल्वा

श्रीलंका के मौजूदा आर्थिक हालात और इसके जनता पर असर पर हिंदी अख़बार दैनिक भास्कर ने श्रीलंका के अर्थशास्त्री, और पूर्व आर्थिक सुधार-सार्वजनिक वितरण मंत्री डॉ. हर्षा डी सिल्वा का साक्षात्कार किया.

डीसिल्वा ने अख़बार से कहा कि अर्थव्यवस्था तेज़ी से गिर रही है. एक तरह से ये क्रैश हो चुकी है और स्थिति बेहद अस्थिर और डरावनी है. अख़बार के अनुसार मौजूदा सरकार के पास इस संकट के समाधान का कोई रास्ता नहीं है. ये हालात अब उनके नियंत्रण से बाहर हैं.

डॉलर के कर्ज़ को चुकाने के लिए हमें रिज़र्व का इस्तेमाल करना पड़ा. हमारा रुपया लगातार गिरता गया, लेकिन हम अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास नहीं गए और कोई आर्थिक कार्यक्रम नहीं लिया.

जनता सरकार से कह रही है कि वो अब सत्ता छोड़ दे. भले ही जनता ये नारा लगा रही हो लेकिन संवैधानिक रूप से हम गोटाबाया को घर नहीं भेज सकते हैं. वो वैध रूप से चुनाव जीतकर आए हैं और उनके पास नवंबर 2024 तक सत्ता है, हां चुनाव जल्दी ज़रूर करा सकते हैं.

भारत श्रीलंका का सबसे करीबी मित्र है. संकट की इस घड़ी में भारत ने श्रीलंका की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. पिछले दो सप्ताह में भारत ने श्रीलंका के लिए जो किया है अगर वो नहीं किया होता तो हम अब तक ख़त्म हो गए होते.

भारत ने हमें क्रेडिट दिया है, ईंधन, दवाएं और खाद्य सामग्री दी है. हम इसके लिए भारत के शुक्रगुज़ार हैं. (bbc.com)


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