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रायगढ़ कोर्ट ने 6 साल की सुनवाई के बाद सुनाई आजीवन कारावास की सजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़ 3 अप्रैल। 6 साल पहले मां और बेटी की क्रूरता पूर्वक हत्या करने के आरोप में कोर्ट ने उड़ीसा से बीजू जनता दल के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय और उसके ड्राइवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस दोहरे हत्याकांड की दबी हुई फाइल निकालकर रसूखदार आरोपी को गिरफ्तार करने में रायगढ़ के तत्कालीन एसपी संतोष सिंह की अहम भूमिका रही।
ज्ञात हो 7 मई 2016 को चक्रधर नगर थाना के मां शाकंभरी प्लांट के रास्ते पर एक महिला और एक बालिका का शव पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला दोनों की पहले हत्या की गई फिर उनके शवों को गाड़ी से कुचला गया। दोनों शवों की पहचान कल्पना दास और उसकी बेटी बबली के रूप में हुई। पुलिस की जांच पड़ताल आगे बढ़ी तो पता चला कि मृतक कल्पना दास का संबंध ब्रजराजनगर के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय के साथ था। तब पुलिस ने उससे पूछताछ की हिम्मत इसलिए नहीं जुटाई क्योंकि वह सत्तारूढ़ दल का एक बड़ा नेता था। यही नहीं बल्कि वह वहां के मुख्यमंत्री का चुनाव संचालक भी था। जांच की कार्रवाई यहीं पर आकर अटक गई थी। जैसे ही पुलिस अधीक्षक के तौर पर संतोष सिंह यहां पर पदस्थ हुए उन्हें इस केस के लंबित होने की जानकारी मिली। अब तक के उपलब्ध साक्ष्यों से यह साफ हो रहा था कि पूर्व विधायक अनूप कुमार साय की पूरे मामले में संदिग्ध भूमिका है। इसके बावजूद न तो उसको हिरासत में लिया गया और न ही उससे पूछताछ की गई थी।
तत्कालीन एसपी संतोष सिंह ने पुलिस की एक टीम रायगढ़ से ब्रजराजनगर भेजा। वहां से सत्ताधारी दल के नेता अनूप कुमार साय को गिरफ्तार कर लाया गया। साक्ष्यों को सामने रखते हुए की गई पूछताछ के बाद पूर्व विधायक साय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बताया कि ब्लैकमेलिंग से तंग आकर उसने कल्पना दास और उसकी बेटी की हत्या कर दी। सन् 2004-05 में कल्पना दास को उसके पति ने छोड़ दिया था। उसके पिता किसी काम से कल्पना दास को उसके पास लेकर गए थे। धीरे धीरे कल्पना दास के साथ पूर्व विधायक के प्रेम संबंध बन गए। उसने उसे भुवनेश्वर स्थित अपनी पत्नी के नाम खरीदे गए एक मकान में रख लिया। बाद में कल्पना दास उस मकान को अपने नाम कराने की मांग करने लगी। इसके अलावा लगातार पैसे मांग कर ब्लैक मेलिंग करने लगी। इससे तंग आकर अनूप कुमार साय ने उसकी हत्या की योजना बनाई। कल्पना दास को शादी करने का झांसा दिया और अपने साथ रायगढ़ लेकर आ गया। साथ में उसकी बेटी भी थी। कार से वह ड्राइवर के साथ मां बेटी को हमीरपुर मार्ग पर ले गया और एक सुनूसान जगह पर लोहे की रॉड से दोनों के सिर पर वार करके हत्या कर दी। लाश को उन्होंने कच्ची सड़क पर फेंक दिया और सबूत छिपाने के लिए ड्राइवर बर्मन टोप्पो ने गाड़ी को कई बार लाश के ऊपर चढ़ाकर कुचला। शव छोड़कर वे वापस उड़ीसा भाग गए थे।
राघव की कोर्ट ने पूर्व विधायक अनूप कुमार सहाय और उसके ड्राइवर टोप्पो को आजीवन कारावास तथा साक्ष्य छुपाने के लिए 7 साल की सजा सुनाई है।


