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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 मार्च। ताड़मेटला में हुए मुठभेड़ और न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में खुलासे के प्रकाश में के विरोध में 24 मार्च को आदिवासी समुदाय विधानसभा का घेराव करेगा। समुदाय ने एक बयान जारी कर कहा कि यह पहला घटना नही है जो घबराहट में गोली चलाई गई हैनारायनपुर भरंडा में गोली मारकर नक्सली वर्दी पहना दिया गया
ओरछा ब्लॉक के हचेहकोट निवासी मनीराम नूरीटी को छोटे बेटियां से पुलिस पकड़ कर ले गया था अब तक लापता हैं। ताड़मेटला में सैकड़ो घरों को जला दिया गया ।कोयली बेड़ा ब्लॉक के शोबी कोवाची ,सोमा कड़ियम निवासी आलपरास ...आदि । बयान में कहा गया कि ये घबराहट से नही षड्यंत्र के तहत मारा जा रहा है ।और लगातार वर्तमान में भी इस तरह के घटनाएं हो रही है । इसलिए 24 मार्च को विधानसभा घेरने जाना है जो न्याय के लिए होगा।
बयान में आगे कहा गया कि सारकेगुड़ा में क्या हुआ था, पंडुम त्यौहार मनाते निर्दोष ग्रामीणों को चारों और से घेरकर फायरिंग की गई वहां कौन सी घबराहट थी।ऐसे अनगिनत मामले है जो की सरकार घ FCबराहट शब्द का प्रयोग कर दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही हैं।
एड़समेटा के दोषियों को तत्काल कार्यवाही की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज 24 मार्च को विधानसभा घेराव करेंगे।


