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ANI
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने हिजाब बैन विवाद पर बोलते हुए कहा है कि देश को एक समान ड्रेस कोड की आवश्यकता है ताकि बच्चों में 'एकता' की भावना मन में डाली जा सके.
अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' लिखता है कि गुजरात के नर्मदा ज़िले में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के एक कार्यक्रम में उन्होंने हिजाब विवाद पर कहा है कि यह लड़कियों की शिक्षा को बाधित करने की एक 'सोची-समझी चाल' है.
इंद्रेश कुमार ने कहा, "हम अलग-अलग अवसरों के अनुसार अलग-अलग ड्रेस पहनते हैं, हम घर के कामों में एक ड्रेस पहनते हैं तो बाज़ार या दफ़्तर जाते वक़्त अलग तरीक़े से पहनते हैं. ख़ुशी और दुख के मौक़े पर भी हम अलग तरह से कपड़े पहनते हैं."
"जो लोग बेटियों की शिक्षा और देश की एकता को बाधित करना चाहते हैं, वे बच्चियों के भविष्य से खेलने की कोशिश कर रहे हैं. मुझे नहीं पता कि आप ज़ुल्म के साथ खड़े हैं या असली इस्लाम और मानवता के साथ. यह सिर्फ़ आप जानते हैं."
इंद्रेश कुमार ने कहा, "हमें भाईचारा और एकता बढ़ाने के लिए एक समान ड्रेस कोड की आवश्यकता है. पवित्र क़ुरान कहता है कि हर किसी का अपना दीन है और किसी को भी किसी के दीन में दख़ल देने की ज़रूरत नहीं है और किसी के दीन की आलोचना करने की ज़रूरत नहीं है."
इसके आगे उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता देश में समाज के विभाजन को रोकेगी. (bbc.com)


