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ANI
सुरक्षा को लेकर भारत की तैयारी पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक की. बैठक ऐसे समय में हुई जब चार दिन पहले ही भारत की मिसाइल गलती से पाकिस्तान में जा गिरी थी.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू के मुताबिक, बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला मौजूद थे. गृह मंत्री अमित शाह इस बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि वो गुजरात में थे.
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बयान में कहा, "पीएम को सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही समुद्री और हवाई क्षेत्र में भारत की सुरक्षा की तैयारियों में नए बदलाव और विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया." हालांकि, इस बयान में सीधे तौर पर 9 मार्च को हुई मिसाइल घटना का ज़िक्र नहीं था लेकिन संकेत दिया गया कि सीमा सुरक्षा एजेंडे में सबसे ऊपर थी.
अखबार ने सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिसाइल घटना पर सरकार की प्रतिक्रिया के बार में अलग से जानकारी दी गई. बुधवार को गलती से चली मिसाइल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 124 किलोमीटर अंदर जा गिरी थी. रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि नियमित रखरखाव के दौरान तकनीकी गड़बड़ी की वजह से मिसाइल गलती से चल गई थी. सरकार ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.
माना जा रहा है कि बैठक में यूक्रेन में युद्ध के परिणामस्वरूप वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था और रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों को लेकर भी चर्चा हुई. पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री को ऑपरेशन गंगा सहित यूक्रेन में ताज़ा बदलावों से भी अवगत कराया गया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि खारकीएव में 11 मार्च को मारे गए भारतीय नवीन शेखरप्पा के शव को वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश की जाए. (bbc.com)


