ताजा खबर
पांच राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर पार्टी पर निशाना साधा है. द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़ टीएमसी ने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती देने में विफ़ल हुई है.
टीएमसी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को टीएमसी में शामिल हो जाना चाहिए और कांग्रेस नेताओं को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व को स्वीकार करना चाहिए क्योंकि वो ही हैं जो बीजेपी को हरा सकती हैं.
टीएमसी सरकार में मंत्री फ़िरहाद हाकिम ने कहा, ''मुझे समझ नहीं आता कि कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी ग़ायब क्यों हो रही है. हम भी इस पार्टी का हिस्सा रहे हैं. कांग्रेस को टीएमसी में शामिल हो जाना चाहिए. यही सही समय है. तब हम राष्ट्रीय स्तर पर महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस के सिद्धांतों के साथ गोडसे के सिद्धांतों से लड़ सकते हैं.''
वहीं, बीजेपी ने चार राज्यों में जीत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है. बीजेपी नेताओं ने कहा कि ममता बनर्जी का 2024 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को हराने का सपना टूट गया.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा, ''जो सोचते थे कि मुख्यमंत्री कल प्रधानमंत्री बन सकता है, उन्हें करारा जवाब मिला है.''
बीजेपी नेताओं ने टीएमसी के गोवा में प्रदर्शन और अखिलेश यादव के लिए प्रचार करने पर भी चुटकियां लीं. गोवा में टीएमसी पहली बार चुनाव लड़ रही थी और पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई.
बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ''अपने दौरों में ग़लत हिंदी में भाषण देकर ममता बनर्जी ने अखिलेश यादव का नुक़सान कराया है.''
इन बयानों का जवाब देते हुए टीएमसी के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ''पार्टी ने तीन महीने पहले ही गोवा में संगठन बनाना शुरू किया था. हमने वहां अपना सर्वोच्च किया. वहीं, यूपी में समाजवादी पार्टी ने अपनी सीटें बढ़ाई हैं. इन नतीजों का लोकसभा चुनाव पर कोई असर नहीं होगा.'' (bbc.com)


