कोण्डागांव

बस्तर से रायपुर तक आदिवासी महिला की पदयात्रा
28-May-2026 11:23 PM
बस्तर से रायपुर तक आदिवासी महिला की पदयात्रा

अपनी पैतृक जमीन को वापस दिलाने की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 28 मई। बस्तर जिले की रहने वाली आदिवासी महिला एवं मां दंतेश्वरी की पुजारिन लखमनी बघेल अपनी पैतृक जमीन वापस दिलाने की मांग को लेकर बस्तर से रायपुर तक लगभग 300 किमी की पदयात्रा पर निकली हैं। भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ के बैनर तले चल रही इस न्याय दो या प्राण लो पदयात्रा के तहत बुधवार की रात लखमनी बघेल अपने समर्थकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ कोण्डागांव पहुंचीं।

इस पदयात्रा की सबसे खास बात यह रही कि पदयात्री दल भारत के संविधान को व्हील चेयर पर रखकर साथ ले जा रहा है। इसके माध्यम से प्रदर्शनकारी यह संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि आज देश का संविधान विकलांग हो चुका है और आदिवासी समाज को न्याय पाने के लिए सडक़ों पर उतरना पड़ रहा है। तपती गर्मी में नंगे पांव चल रहे पदयात्रियों ने कहा कि वे रायपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करेंगे और सीधे उन्हें ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाएंगे।

लखमनी बघेल ने आरोप लगाया है कि उनके पूर्वजों की लगभग 100 एकड़ से अधिक पैतृक भूमि थी, जिसके पुराने रिकॉर्ड और खसरा दस्तावेज आज भी उपलब्ध हैं। लेकिन वर्तमान में उनकी आधे से अधिक जमीन को नजूल घोषित कर दिया गया है और बाहरी लोगों द्वारा उस पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार तहसील और प्रशासनिक कार्यालयों में आवेदन देने के बावजूद उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीन पर कब्जा करने वालों द्वारा उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है तथा जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

लखमनी बघेल ने कहा कि यह केवल जमीन का विवाद नहीं बल्कि एक आदिवासी परिवार के सम्मान, अस्तित्व और अधिकार का सवाल है। मां दंतेश्वरी की पुजारिन होने के बावजूद उन्हें अपनी ही पुश्तैनी जमीन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में मांग की है कि लखमनी बघेल की सम्पूर्ण पैतृक भूमि का निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए, पुराने रिकॉर्ड के आधार पर भूमि अधिकार बहाल किए जाएं, अवैध अतिक्रमण हटाया जाए तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। संगठन ने पीडि़त परिवार को सुरक्षा देने की भी मांग उठाई है।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो रायपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री निवास के समक्ष शांतिपूर्ण धरना भी दिया जाएगा। पदयात्रा में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद, प्रदेश उपाध्यक्ष सुयल नाग, बस्तर जिलाध्यक्ष आशीष कच्च, कोण्डागांव जिलाध्यक्ष हेम सिंह मौर्य सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं।


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