कोण्डागांव

लकड़ी परिवहन मामले पर आरोप-प्रत्यारोप
28-May-2026 11:21 PM
लकड़ी परिवहन मामले पर आरोप-प्रत्यारोप

 भाजपा ने आरोपों को बताया षड्यंत्र, कांग्रेस ने जांच मांगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 28 मई। कोण्डागांव में कथित पेड़ कटाई और लकड़ी परिवहन के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा युवा मोर्चा की जिला कन्याशक्ति संयोजिका जूही तिवारी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे कांग्रेस की राजनीतिक साजिश करार दिया है, वहीं कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है।

बुधवार को कोण्डागांव के पुराना विश्रामगृह में आयोजित प्रेसवार्ता में जूही तिवारी ने कहा कि सुखी जलाऊ लकड़ी उनके भाई मनोज तिवारी द्वारा किराए की गाड़ी से अभनपुर भेजी जा रही थी। इसके लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और अनुमति उपलब्ध हैं तथा पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक नियमों के अनुरूप की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ लोग जानबूझकर उनका नाम जोडक़र भ्रम फैलाने और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। जूही तिवारी ने कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए झूठे आरोपों के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सत्य का साथ देने की अपील की।

प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस भी आक्रामक रुख में नजर आई। शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बस्तर संभाग में आम, इमली और जामुन जैसे फलदार पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और परिवहन हो रहा है, जिसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही।

ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि 18 मई की रात कथित रूप से भाजपा नेत्री जूही तिवारी से जुड़ी लकड़ी से भरी गाड़ी को वन विभाग ने मसोरा में रोका था। कांग्रेस ने प्रशासन से पूछा है कि लकड़ी कटाई और परिवहन की अनुमति किन नियमों के तहत दी जाती है तथा उक्त वाहन के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई।

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सभी दस्तावेज वैध हैं तो उनकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए वन मंत्री केदार कश्यप का भी उल्लेख किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तीन दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस उग्र प्रदर्शन करेगी। मामले को लेकर जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और अब प्रशासन की जांच एवं कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


अन्य पोस्ट