कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 23 अप्रैल। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव खिलावन राम रिंगरी की अध्यक्षता में नेशनल लोक अदालत के सफल संचालन एवं अधिकतम प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण निपटारे हेतु मध्यस्थता केन्द्र कोण्डागांव में अधिवक्ताओं की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया।
उक्त बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंद्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी केशकाल सोम्या राय एवं समस्त अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य नेशनल लोक अदालत के सफल एवं प्रभावी संचालन हेतु न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं के मध्य समन्वय स्थापित करना एवं अधिकतम प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण निपटारा सुनिश्चित करना रहा।
इस बैठक में 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में लंबित मामलों का निस्तारण की प्रक्रिया और पक्षकारों को अधिकतम लाभ कैसे प्रदान किया जाए तथा नेशनल लोक अदालत के आयोजन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई जिसमें विशेष रूप से मामलों की छटनी कर पक्षकारों की सहमति प्राप्त करना एवं आपसी सुलह के माध्यम से मामलों का समाधान सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
साथ ही अधिवक्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर के मामलों के त्वरित समाधान के लिए प्रयास करें ।
और पक्षकारों को सुलह-समझौते के लिए प्रोत्साहित करे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा करना है ताकि न्याय प्रक्रिया सरल, सुलभ और कम खर्चीली बन सके और इससे पक्षकारों को राहत मिल सके।


