कोण्डागांव
विधायक से लेकर कलेक्टर, और कई अफसर महिला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल, 8 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कोंडागांव जिला महिला नेतृत्व का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है। जिले के कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी आज महिलाओं के हाथों में है। चाहे राजनीति हो, प्रशासन, न्यायालय, शिक्षा विभाग या वन विभाग—हर क्षेत्र में महिला अधिकारी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए विकास की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
राजनीति में महिला नेतृत्व की मजबूत पहचान
कोंडागांव विधानसभा की विधायक लता उसेंडी हैं, जो पहले मंत्री पद पर भी रह चुकी हैं। वर्तमान में वे अपने सक्रिय कार्यों के कारण राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना चुकी हैं। वे बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। इसके अलावा उन्हें उड़ीसा राज्य में पार्टी की सह-प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दी गई है। अपने राजनीतिक अनुभव और सक्रियता से वे क्षेत्र के विकास में लगातार योगदान दे रही हैं।
जिला प्रशासन की कमान भी
महिला अधिकारी के हाथों
कोंडागांव जिले की कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना हैं, जो अपने कुशल प्रशासन और सरल व्यवहार के लिए जानी जाती हैं। इससे पहले वे वर्ष 2018 में कोंडागांव में जिला पंचायत सीईओ के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें दोबारा जिले में कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी दी गई। लगभग 11 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने कई विकास कार्यों को गति दी है।
न्याय व्यवस्था में भी महिला न्यायाधीशों की अहम भूमिका
कोंडागांव जिला एवं सत्र न्यायालय में बतौर न्यायाधीश किरण चतुर्वेदी पदस्थ हैं, जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कर रही हैं। उनके व्यवहार कुशलता और न्यायपूर्ण फैसलों के कारण न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास और मजबूत हो रहा है। इसी प्रकार केशकाल व्यवहार न्यायालय में भी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सौम्या राय पदस्थ हैं, जो अपने निर्णयों और कार्यशैली से समाज में सकारात्मक संदेश दे रही हैं।
शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी महिला के पास
कोंडागांव जिले की जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। वे जिले के सभी ब्लॉकों में स्कूलों का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं। विशेष रूप से पीएम श्री स्कूल और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के संचालन और गुणवत्ता सुधार पर उनका विशेष ध्यान है।
वन विभाग में भी महिला अफसरों की भूमिका
केशकाल वन मंडल की जिम्मेदारी वनमंडल अधिकारी दिव्या गौतम (आईएफएस) संभाल रही हैं। उनके कार्यकाल में वन क्षेत्र में अवैध कटाई और अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके कारण क्षेत्र में अवैध कटाई की घटनाओं में काफी कमी आई है। गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए भी वे लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं।
इसी तरह उपमंडलाधिकारी सुषमा जे. नेताम भी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रही हैं। वे वनमंडल अधिकारी के साथ मिलकर क्षेत्र के जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार दौरा कर रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की नेतृत्व क्षमता की चर्चा हर जगह हो रही है। इसी कड़ी में केशकाल अनुविभाग में भी प्रशासनिक जिम्मेदारी एक महिला अधिकारी के हाथों में है। कोंडागांव में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा नायक को केशकाल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) का दायित्व सौंपा गया है। बतौर एसडीएम आकांक्षा नायक केशकाल क्षेत्र के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। अपनी पहली ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में एसडीएम जैसे अहम पद को कुशलता से संभालते हुए वे प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।


