कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 14 फरवरी। तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन की तैयारियों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित कोंडागांव द्वारा शाखकर्तन प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 13 फरवरी को काष्ठागार के नीलाम हॉल में आयोजित हुई, जिसमें नवीन तेंदूपत्ता नीति (विभागीय संग्रहण) से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में चूड़ामणी सिंह (वनमंडलाधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक) ने तेंदूपत्ता संग्रहण से पूर्व शाखकर्तन कार्य, संग्रहण, परिवहन, भंडारण एवं भुगतान व्यवस्था पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है।
जिला यूनियन के अंतर्गत 13 प्राथमिक वनोपज समितियों के 245 फड़ों में कुल 15,500.298 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। शाखकर्तन कार्य के लिए 70 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान निर्धारित किया गया है।
विशेषज्ञों ने बताया कि शाखकर्तन कार्य तेंदूपत्ता संग्रहण शुरू होने से लगभग 45-50 दिन पहले करना लाभप्रद होता है। समय से पहले या देर से शाखकर्तन करने पर अपेक्षित लाभ नहीं मिलता। बूटा कटाई जमीन की सतह से 1–2 सेंटीमीटर ऊपर से सावधानीपूर्वक करने तथा पूरे क्षेत्र में एक साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग ने वर्ष 2026 में शाखकर्तन कार्य को बूटा कटाई तिहार के रूप में 27 फरवरी से 2 मार्च तक वनमंडल की सभी समितियों के फड़ों में एक साथ संचालित करने का निर्णय लिया है, ताकि निर्धारित समय पर तेंदूपत्ता तोड़ाई शुरू की जा सके।
कार्यशाला में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिनमें सामाजिक सुरक्षा बीमा, सामूहिक सुरक्षा योजना तथा संग्राहक परिवार के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं शामिल हैं।
इन योजनाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन सीएससी केंद्रों के माध्यम से किया जा सकता है और स्वीकृति के बाद भुगतान की प्रक्रिया मुख्यालय रायपुर से पूरी होती है।
उच्च गुणवत्ता लक्ष्य, अधिक बोनस की उम्मीद
कार्यशाला में अधिकारियों, समिति पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों सहित लगभग 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी ने इस वर्ष उच्च गुणवत्ता का तेंदूपत्ता संग्रहण सुनिश्चित करने का संकल्प लिया, ताकि बेहतर मूल्य प्राप्त हो और संग्राहकों को अधिक बोनस मिल सके।
ग्रामीणों से अपील
वन विभाग ने सभी संग्राहकों और ग्रामीणों से अपील की है कि बूटा कटाई अभियान को व्यापक रूप से चलाया जाए, जिससे उच्च गुणवत्ता का तेंदूपत्ता तैयार हो और प्रत्येक संग्राहक परिवार अधिक से अधिक संग्रहण कर शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। विभाग का लक्ष्य है कि संगठित प्रयासों से संग्रहण व्यवस्था मजबूत हो, आय बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी लाभ मिले।


